Sunday, February 9, 2014

ऊर्जा के क्षेत्र में कुलांचे भरता त्रिपुरा

सुदूर पूर्वोत्तर का छोटा सा राज्य त्रिपुरा ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी नई इबारतें लिखने की कोशिश में लगा है। यहां नेचुरल गैस और गैस आधारित बिजली उत्पादन के क्षेत्र में काम हो रहा है। ओएनजीसी की सहयोगी कंपनी ओएनजीसी त्रिपुरा पावर कंपनी यहां काम कर रही है। कंपनी की स्थापना राज्य सरकार के सहयोग से की गई है। कंपनी तेल और प्राकृतिक गैस के नए खदानों की तलाश में लगी है। साथ ही राज्य में गैस के सीएनजी का उत्पादन हो रहा है। अगरतला शहर और आसपास में सीएनजी के पंप खुल गए हैं। राजधानी अगरतला में और आसपास के शहरों में सीएनजी से वाहन चलाए जा रहे हैं। देश के दस लाख से ज्यादा आबादी वाले कई बड़े शहर हैं जहां प्रदूषण बड़ी समस्या बन चुकी है पर वहां अभी सीएनजी नहीं पहुंचा है। पर त्रिपुरा की सड़कों पर सीएनजी आटो रिक्शा और दूसरे हल्के वाहन चलने लगे हैं। 
यहां तक की आसपास के गांव में भी सीएनजी वाहन पहुंच गए हैं। गांव में परिवहन के लिए सीएनजी वाहन चलाए जा रहे हैं। अगरतला से 30 किलोमीटर दूर के मधुपुर गांव में सीएनजी से चलने वाला आटो चल रहा था। आटो वाले ने बताया कि गैस खत्म होने पर भरवाने के लिए अगरतला जाना पड़ता है। एक बार तो गांव में गैस खत्म हो गई थी। तब एक दूसरे आटो वाले को 100 रुपये दिए वह आटो को खींच कर अगरतला ले गया। सीएनजी स्टेशन तक।

ओएनजीसी की सहयोगी कंपनी ओपीटीसी के गैस आधारित प्लांट ने बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया है। अगरतला से 60 किलोमीटर दूर पटलाना में इसकी दो यूनिटोंसे 726 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो गया है। यह गैस आधारित बिजली की बड़ी परियोजना है जिसका उदघाटन ऱाष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जून 2013 में किया था। इस परियोजना से पूर्वोत्तर के सात राज्यों को बिजली मिल सकेगी।
त्रिपुरा में बिजली उत्पादन की दूसरी संभावनाओं पर भी काम हो रहा है। इनमें सफलता मिलने पर ये राज्य अपनी जरूरत से ज्यादा बिजली दूसरे राज्यों को देने में भी सक्षम होगा।
-    विद्युत प्रकाश मौर्य
(AGARTALA, CAPITAL, ROAD, AUTO RICKSHAW, CNG, POWER ) 


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