Wednesday, February 5, 2014

रविंद्रनाथ टैगोर और अगरतला

 साल 2013 में कविगुरू रविंद्रनाथ टैगोर की पुस्तक गीतांजलि को नोबेल पुरस्कार दिए जाने के सौ साला उत्सव मनाया जा रहा है। 1913 में इस बांग्ला कविताओं की पुस्तक के अंगरेजी अनुवाद को साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला था।

बांग्ला के प्रसिद्ध साहित्यकार रविंद्रनाथ टैगोर जिन्हे बांग्ला के लोग रबी ठाकुर कहते हैं, को अगरतला शहर काफी प्रिय था। इसलिए तो टैगोर बार बार अगरतला प्रवास पर आते थे। अगरतला के लोग बताते हैं कि टैगोर कुल सात बार अगरतला आए।

टैगोर ने अपनी कई प्रसिद्ध रचनाएं अगरतला प्रवास के दौरान ही लिखीं। इतना ही नहीं उनके कुछ नाटकों में त्रिपुरा के राजा और देवी देवता के चरित्र भी हैं। टैगोर के प्रसिद्ध नाटक राजर्षि और विसर्जन में उदयपुर के भुवनेश्वरी देवी मंदिर का जिक्र आता है। जबकि महाराजा गोविंद माणिक्य ( 1660-1676) भी टैगोर के नाटकों में चरित्र के तौर पर उभर कर आते हैं। इसलिए अगरतला के लोग टैगोर को बड़े सम्मान से याद करते हैं। टैगोर सात पर कोलकाता से अगरतला आए। तब सड़क मार्ग से कोलकाता से अगतला आना आसान था। बांग्लादेश के ढाका होकर अगरतला कुछ घंटों में ही पहुंजा जा सकता था। अगरतला शहर में टैगोर की कई स्मृतियां है। टैगोर ज्यादातर अगरतला प्रवास के दौरान त्रिपुरा के राजघराने के मेहमान होते थे। इसलिए वे राजघराने की ओर से दिए गए अतिथिगृह में ठहरते थे। वह अतिथि गृह अब बन चुका है राज्यपाल निवास यानी गवर्नर हाउस। 


अगरतला का राज निवास - कभी यहां रहते थे टैगोर।
इस निवास की ओर जाने वाली शहर की मुख्य सड़क का नाम रखा गया है रवींद्र सरणी। रविंद्र सरणी पर चलते हुए राज्यपाल निवास के पहले एक सुंदर पार्क का निर्माण हाल के दिनों में किया गया है। इस पार्क का नाम रखा गया है रविंद्र कानन पार्क। इस तरह कई तरीके से अगरतला के लोगों ने विश्वकवि की यादों को संजो कर रखने की कोशिश की है। जितना पश्चिम बंगाल के लोग टैगोर को अपना मानते हैं उतना ही त्रिपुरा के लोग भी कवि गुरू टैगोर को अपना मानते हैं। गीतांजलि के सौ साल पूरे होने पर अगरतला शहर में कई आयोजन हुए जिसमें टैगोर को याद किया गया। त्रिपुरा सरकार के अगरतला स्थित सरकारी टूरिस्ट लॉज का नाम गीतांजलि  टूरिज्म गेस्ट हाउस है। ये एयरपोर्ट रोड पर कुंजबन में स्थित है। त्रिपुरा के साहित्यिक गलियारे में बांग्ला में कविताएं लिखने वाले साहित्यकारों की अच्छी खासी संख्या है।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य


( RABINDRA NATH TAGORE, GEETANJLI,  AGARTALA ) 

No comments:

Post a Comment