Wednesday, December 25, 2013

आखिर शाकाहारी क्या खाएं नागालैंड में

डिमापुर रेलवे स्टेशन के पास पंजाबी होटल 
अगर आप शाकाहारी हैं तो आपको नागालैंड में दिक्कत हो सकती है। लेकिन आपके लिए यहां खाने के विकल्प मौजूद है। कीडा़ बाजार में बिक रहे सैकड़ों किस्म के कीड़ों के अलावा यहां सब्जियां भी बिकती हैं। तो आप कच्ची सब्जियां खरीदकर सलाद बनाकर खा सकते हैं। यह अच्छा विकल्प हो सकता है। क्योंकि रेस्टोरेंट में तो सब्जियां मिलती नहीं हैं।

वैसे कोहिमा में महंगाई का आलम तो है। शेष हिंदुस्तान से यहां महंगाई और ज्यादा है। सेब और प्याज दूर से आता है इसलिए महंगा है, पर चिंता न करें स्थानीय सब्जियां सस्ती हैं। अगर कोहिमा में आपका घर है, अपनी रसोई है तो बाजार से कई किस्म की सब्जियां लाकर बना सकते हैं। पर रेस्टोरेंट में सब्जियां नहीं मिलती हैं। अगर आप किसी होटल में ठहरे हैं तो खाने के लिए अपने होटल वाले से आग्रह करें, वह कोई इंतजाम करेगा आपके लिए।
फलों की बात करें तो इनमें पाइनएपल और संतरे इधर सस्ते मिलते हैं, क्योंकि इनकी उपज पूर्वोत्तर में खूब होती है। तो आप यहां अनानास और संतरे से दोस्ती करें। अगर आप शाकाहारी हैं तो बाजार से अलग अलग तरह के जूस के बोतल भी खरीद सकते हैं। यहां न सिर्फ हिंदुस्तान बल्कि म्यांमार और थाइलैंड के बने जूस भी मिल जाते हैं।

बेकरी उत्पादों का सहारा  नागालैंड में घूमते हुए एक और विकल्प है बिस्कुट और बेकरी खाना। कोहिमा शहर में कई प्रसिद्ध बेकरी की दुकाने हैं। इसके लिए आप पापुलर बेकरी (पीआर हिल्स) जा सकते हैं। इसके प्रोपराइटर शशि कुमार हैं। अपने गुणवत्ता और स्वाद के लिए ये बेकरी कोहिमा में काफी लोकप्रिय है। वैसे आप बेक्स एंड केक्स, रुस्ता बेकरी जा सकते हैं। इन बेकरी में मिठाइयां जूस और बिस्कुट आदि भी मिल जाते हैं। बेकरी से आप ब्रेड खरीदकर भी काम चला सकते हैं।


कोहिमा के मेले में जलेबी...
दूध के ब्रांड डिमूल और कोमूल - नागालैंड के दो प्रमुख दूध के ब्रांड है डिमूल और कोमूल। दोनों सहकारी समिति के उत्पाद हैं। डिमूल मतलब डिमापुर डिस्ट्रिक्ट मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन। इसका ब्रांड नाम डिमूल है। पहले यह कोमूल नाम से जाना जाता था।

वैसे दूध यहां थोड़ा महंगा है पर डिमूल की मीठी लस्सी मिल जाती है पैकिंग में महज 10 रुपये में। स्वाद भी अच्छा है। डिमूल मीठी लस्सी के अलावा पास्चराइज्ड लस्सी, पेड़ा आदि उत्पाद भी बेचता है। राज्य में 2000 से ज्यादा डेयरी फार्मर डिमूल से जुड़े हैं। डिमूल हर रोज 10 हजार लीटर से ज्यादा टोंड दूध बेचता है। तो डिमूल नागालैंड में आए शाकाहारियों का सहारा हो सकता है। आप शाकाहारी हैं तो कोहिमा या डिमापुर में इसका स्वाद जरूर लें।

राज्य में शराब पर है पूरी तरह पाबंदी  , पर मिल जाती है...
नागालैंड की तीखी मिर्च- खाएंगे क्या...
नागालैंड में वैसे तो शराब पर पाबंदी है। गुजरात के बाद ऐसा दूसरा राज्य है जहां शराबबंदी है। 1989 के नागालैंड ल्यूकर टोटल प्रोबिटेशन एक्ट ( एनएलटीपी) के तहत यहां शराब नहीं बेचने का कानून है। चर्च के प्रभाव में लंबे संघर्ष के बाद यहां शराबबंदी का कानून आया। नागालैंड बेपटिस्ट चर्च काउंसिल ( एनबीसीसी) के प्रयासों से यहां शराबबंदी लागू हो सकी थी। पर व्यवहार में नागालैंड में हर जगह शराब मिल जाती है। गांवों देसी शराब बनाई जाती है। वैसे शहर के तमाम दुकानों में शराब अवैध तरीके से बिकती है। खरीदने वाले इशारों में मांग करते हैं और बोतलों को लिफाफे में छिपाकर ले जाते हैं। पर यहां सार्वजनिक स्थलों पर कोई पीता हुआ नजर नहीं आएगा। 

- विद्युत प्रकाश मौर्य 
( NAGALAND, FOOD, WINE, MILK BRAND DIMUL ) 

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