Wednesday, January 1, 2014

कोहिमा से इंफाल की ओर ( मणिपुर 01 )

नागालैंड की राजधानी कोहिमा में सुबह के छह बजे हैं। मैं कोहिमा से इंफाल जाने के लिए तैयार होकर एनएसटी के बस स्टैंड पर पहुंच चुका हूं। साथ में अमित हैं जो मुझे छोड़ने आए हैं। पहले ही पता कर लिया था कि एक ही बस रोज सुबह साढे सात बजें इंफाल के लिए जाती है। कोहिमा से इंफाल की दूरी 142 किलोमीटर है। लगभग 5 घंटे का बस रास्ता है। लेकिन सवारी ज्यादा नहीं होने के कारण इस मार्ग पर कोहिमा से सिर्फ एक ही बस रोज चलती है। जो लोग इंफाल जाने वाले वाले हैं सीधे डिमापुर से ही बस या टैक्सी पकड़ते हैं। ये गाड़ियां कोहिमा शहर में नहीं आती, बल्कि बाइपास से ही गुजर जाती हैं। 


बस में सारी सीटें हुई फुल - बस के टिकट के लिए लाइन में लगा। थोड़ी देर बाद पता चला कि बस का सारी सीटें फुल हो गईं। थोड़ी निराशा हुई कि आगे का सफर कैसे होगा। तभी एक एनएसटी का कर्मचारी आया। उसने गिनती की कितने लोग इंफाल जाने वाले हैं। 27 लोग थे। तुरंत दूसरी बस का इंतजाम हो गया। टू बाई टू डिलक्स बस में इतनी ही सीटें होती हैं। सो शायद आज मेरी किस्मत अच्छी थी कि दूसरी बस चल पड़ी। 

टिकट लेने के बाद बस स्टैंड पर एक भोजपुरी भाई मिल गए। उन्होंने हमारी जानकारी में इजाफा किया। इंफाल जाने का एक और विकल्प है। आप कोहिमा में बीओसी नामक स्टाप से जीप से माओ तक जाएं। कोहिमा से 32 किलोमीटर माओ मणिपुर की सीमा है। वहां से आपको इंफाल के लिए टैक्सी और बसें मिल जाएंगी। 

कोहिमा शहर से बाहर निकल कर बस पहाड़ी रास्तों पर हौले हौले चल पड़ी। आगे नागालैंड सरकार का चेक पोस्ट आया जहां बस रूकी। कोहिमा से 12 किलमोटीर आगे फेसमा गांव हैं जहां संगीत नृत्य का बड़ा उत्सव हार्नबिल फेस्टिवल का आयोजन होता है।
नागालैंड के वर्तमान मुख्यमंत्री नेफियो रियो भी संगीत के बहुत बड़े शौकीन हैं। माओ आने के साथ हम उनके प्रदेश को अलविदा कह चुके थे। छोटा सा कस्बा है। माओ आने के साथ ही नागालैंड की सीमा खत्म हो जाती है। माओ मुख्य सड़क पर एक घर के आगे हिंदी में लक्ष्मी पूजा और शुभ दीपावली लिखा हुआ दिखाई देता है। जरूर इस घर में कोई भोजपुरी भाई रहता होगा, जो यहीं कारोबार कर रहा होगा। मैं उसे मन ही मन नमस्कार करता हूं। बस सरपट दौड़ती जा रही है।

- विद्युत प्रकाश मौर्य 

( KOHIMA TO IMPHAL BY BUS,BOC  ) 

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