Saturday, November 23, 2013

राजगीर - घोड़ा कटोरा झील

अगर आप राजगीर जाएं तो घोड़ा कटोरा झील जाने के लिए वक्त जरूर निकालें। यहां तक कोई मोटर वाहन नहीं जाता। बिहार सरकार ने प्रदूषण मुक्त रखने के लिए इसे मोटर वाहनों से पूरी तरह दूर रखा है। ये बिहार में इको टूरिज्म का सुंदर नमूना है। घोड़ा कटोरा झील के रास्ते क्षेत्र का प्रबंधन बिहार सरकार का वन विभाग करता है।


घोड़ा कटोरा के बारे में कहा जाता है कि ये महाभारत काल में महाराजा जरासंध का अस्तबल था। विश्वशांति स्तूप के पास से घोड़ा कटोरा झील जाने के लिए तांगा बुक कराना पड़ता है। दूसरा तरीका अपनी साइकिल या किराए की साइकिल से जाना है। विश्व शांति स्तूप से घोड़ा कटोरा झील का सफर साढ़े छह किलोमीटर का है। ये रास्ता कच्ची सड़क का है। इसपर डामर बिछा दिया गया है। ये रास्ता ही अपने आप में मनोरम है। घोड़ा कटोरा जाने के लिए तांगा का किराया प्रति व्यक्ति 100 रुपये तय है। इसमें आने और जाने का किराया शामिल है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब भी राजगीर आते हैं तो वे घोड़ा कटोरा का सफर देवेंद्र यादव के राजधानी तांगे से करते हैं। वैसे आप साइकिल से भी ये सफर कर सकते हैं। किराये की साइकिल का भी किराया 100 रुपये ही रखा गया है।
अगर आप घोड़ा कटोरा झील में विहार के लिए जाना चाहते हैं तो अपना समय सुबह का रखें। यहां तीन बजे के बाद का जाने पर रोक है। घोड़ा कटोरा झील में आप नौका विहार का आनंद ले सकते हैं। प्रकृति की गोद में, अप्रतिम हरियाली के बीच घंटों नौका विहार का आनंद अविस्मरणीय रहेगा। यहां आप हवा और पानी की प्रतिध्वनि साफ तौर पर सुन सकते हैं।
यहां सैलानियों के लिए कैंटीन की सुविधा उपलब्ध है। आप अपनी पसंद के खाने पीने का सामान साथ भी ले जा सकते हैं। बिहार पर्यटन नौका विहार करने वालों के लिए लाइफ जैकेट की सुविधा उपलब्ध कराता है। यहां सुरक्षा गार्ड भी तैनात रहते हैं। नए साल और छुट्टियों के दिन घोड़ा कटोरा में सैलानियों की भीड़ उमड़ती है। यहां अगर आप समूह में जाएं तो ज्यादा आनंद आएगा।
घोड़ा कटोरा झील में अब भगवान बुद्ध और उनके चार शिष्यों की प्रतिमा लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद झील का सौंदर्य और भी बढ़ जाएगा।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य
(BIHAR, RAJGIR, GHODA KATORA, ECO TOURISM, NALANDA )

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