Saturday, December 21, 2013

पूर्वोत्तर का स्विटजरलैंड है कोहिमा

नागालैंड की राजधानी कोहिमा कुछ कुछ शिमला, दार्जिलिंग या ऊटी की तरह ही पहाड़ी शहरों जैसा है। यहां शहर के सीमा में सिटी बसें भी चलती हैं। इन बसों में कम से कम किराया 10 रुपये है। इसके अलावा आप टैक्सी बुक करके एक प्वाइंट से दूसरे प्वाइंट तक जा सकते हैं। इन बसों में मुझे महिला कंडक्टर सेवाएं देती हुई दिखाई देती हैं। डिमापुर की तरह यहां आटोरिक्शा नहीं चलते। पहाड़ी शहर में आटो चलना आसान भी नहीं है।

रायजू जंक्शन शहर का मुख्य बाजार - एनएसटी बस स्टैंड के पास रायजू जंक्शन शहर का मुख्य बाजार है। यहां से शहर के दूसरे प्रमुख प्वाइंट हाईस्कूल जंक्शन, बीओसी जंक्शन, वार सिमेट्री जंक्शन आदि जाने के लिए बसें मिलती है। आप कुछ घंटों में पूरा कोहिमा शहर घूम सकते हैं। रायजू जंक्शन के पास कोहिमा का मुख्य डाकघर है। यहां एक स्टेडियम भी है, जिसमें आजकल मेला नुमा बाजार लगा हुआ है। जबकि हाई स्कूल की तरफ नागालैंड का नया सचिवालय बना है। यहां हाईकोर्ट की बेंच और नया बना एनबीसीसी कन्वेंसन सेंटर आदि दिखाई देते है।

बड़ा बस्ती सचमुच बहुत बड़ी - कोहिमा में आकाशवाणी और दूरदर्शन के स्टेशन हैं। शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस राज्य में अब नागालैंड यूनीवर्सिटी की स्थापना हो चुकी है। यह एक केंद्रीय  विश्वविद्यालय है। शहर के रायजू  जंक्शन के पास से ही बड़ा बस्ती जाने के लिए रास्ता है।


बड़ा बस्ती को न सिर्फ कोहिमा का बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के राज्यों में सबसे बड़ा  गांव  गांव होने का दर्जा प्राप्त है। वहीं राजधानी कोहिमा के बाहरी इलाके बीओसी जंक्शन के पास  नागालैंड पुलिस का मुख्यालय है जिसका भवन काफी विशाल बना है। यहीं पर पास में कोहिमा की जेल भी है। शहर में असम राइफल्स का बड़ा केंद्र भी है। नागालैंड राज्य की 90 फीसदी से ज्यादा आबादी ईसाई बन चुकी है। इसलिए कोहिमा शहर में चर्च दिखाई देते हैंपर यहां कोई मंदिर नहीं दिखाई देता।
 वर्षा जल संचय का अनूठा इंतजाम -  कोहिमा शहर में पीने के पानी की कमी रहती है। इसलिए यहां ज्यादातर घरों में लोगों ने वर्षा जल संचय का बेहतर इंतजाम कर रखे हैं। छतों पर लोग बरसात के पानी को जमा करके टंकियों में संरक्षित करते हैं। बारिश के दिनों में जमा किया हुआ यह पानी बाद में कई महीने तक काम आता है। यहां किराये पर घर लेकर रहने वालों को भी कई इलाके में पानी की दिक्कत आती है। कई घरों में जहां पानी का इंतजाम नहीं है तो वहां पानी आसपास से ढोकर लाना पड़ता है। इसलिए कोहिमा के लोग पानी के बूंद बूंद की कीमत पहचानते हैं।


-    विद्युत प्रकाश मौर्य
 ( NAGALAND 4, KOHIMA CITY, BOC JUNCTION ) 

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