Monday, December 30, 2013

नागालैंड – यानी लैंड ऑफ फेस्टिवल्स

फोटो सौ - http://www.hornbillfestival.com/
पूर्वोत्तर के नागालैंड राज्य की टैगलाइन ही नागालैंड लैंड आफ फेस्टिवल्स। इस राज्य की खास बात है कि यहां सालों भर हर महीने कोई न कोई उत्सव मनाया जाता है। पर इनमें हर साल दिसंबर के पहले हफ्ते में मनाया जाने वाला उत्सव  हार्नबिल फेस्टिवल सबसे बड़ा उत्सव है। ये एक अंतरराष्ट्रीय उत्सव है जिसमें नागालैंड की संस्कृति का हर रंग देखने को मिलता है।

इस
 मौके पर  सिर्फ देश से बल्कि बांग्लादेशम्यामांरतिब्बत और चीन से लोग भी उत्सव में हिस्सा लेने कोहिमा पहुंचते हैं। साल 2013 के हार्निबल फेस्टिवल का उदघाटन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया। कोहिमा शहर से 12 किलोमीटर आगे इंफाल रोड पर किसमा गांव में हार्नबिल उत्सव का आयोजन हर साल एक से 7 दिसंबर तक होता है। पर इसकी तैयारी काफी पहले से आरंभ हो जाती है।

 
हार्नबिल नागालैंड का राजकीय पक्षी है...
हार्नबिल नागालैंड राज्य का राजकीय पक्षी है जो अब विलुप्त हो चुका है। वैसे हार्नबिल यानी धनेश कर्नाटक राज्य का भी राजकीय पक्षी है। हार्नबिल को कुछ लोग हिंदी में धनेश भी कहते हैं। इस उत्सव के मौके पर यहां नागा संस्कृति के हर रंग देखने को मिलते हैं।

एक माह पहले से आरंभ-  हार्नबिल फेस्टिवल की नवंबर माह से कोहिमा उत्सव की शुरूआत हो जाती है। जो दिसंबर में हार्नबिल फेस्ट और उसके बाद क्रिससम और नए साल तक चलती रहती है। हार्नबिल उत्सव के दौरान कोहिमा शहर के सभी होटल बुक रहते हैं। अगर आप इस दौरान जाने की योजना बना रहे हैं तो होटलों की बुकिंग पहले ही करा लें। हार्नबिल के आयोजन स्थल किसमा में नागा हेरिटेज विलेज भी बना हुआ है। जहां आप किसी नागा का परंपरागत गांव देख सकते हैं।


हार्नबिल फेस्टिवल में नागालैंड के प्रमुख 16 आदिवासी समुदाय के लोग हिस्सा लेते हैं। इस दौरान पारंपरिक नागा नृत्य, कई तरह की पारंपरिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है। इस उत्सव में अब आधुनिकता का रंग भी मिलता जा रहा है। अब इस उत्सव के मौके पर इसमें कार रेस बाइक रेस जैसी प्रतियोगिताएं भी देखने को मिलती हैं। जाहिर है यहां आप नागा फूड का भी आनंद उठा सकते हैं।

उत्सव स्थल सारी रात गुलजार रहता है। इस दौरान नागा संस्कृति के अनुरूप मेला स्थल पर रहने के लिए आवास भी तैयार किए जाते हैं। इस उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में सैलानी नागालैंड पहुंचते हैं। पर ठहरिए सिर्फ हार्नबिल ही नहीं बल्कि बाकी के महीनों में भी राज्य के अलग अलग हिस्से में कई उत्सव आयोजित होते हैं। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में पेरेन में नगा नगी उत्सव का आयोजन होता है तो जनवरी के अंतिम सप्ताह में डिमापुर में बुशु उत्सव का आयोजन होता है।


कोहिमा शहर का नजारा। 
 वैसे नागालैंड की बात करें तो राज्य के अलग अलग जिलों में सालों भर हर महीने में किसी न किसी उत्सव का आयोजन होता ही रहता है। यानी की नागालैंड के लोग उत्सव प्रेमी हैं। तभी तो नागालैंड को लैंड ऑफ फेस्टिवल्स कहते हैं। अगर आप हार्नबिल फेस्टिवल के समय ही नागालैंड के दौरे पर जाना चाहते हैं तो रहने लिए होटल की बुकिंग पहले ही करा लें। क्योंकि इस समय कोहिमा के होटल खाली नहीं मिलते। 
-    विद्युत प्रकाश मौर्य  (NAGALAND, HORNBILL FESTIVAL, LAND OF FESTIVALS, KOHIMA, DIMAPUR ) 

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