Friday, January 10, 2014

और इंफाल में हो गया बम धमाका

इंफाल की सड़कों पर भरी दोपहरी में हर एक फर्लांग पर पुलिस तैनात दिखाई दे रही थी। सड़कों पर सरपट पुलिस और पारा मिल्ट्री फोर्स के वाहन दौड़ते दिखाई दे रहे थे। ऐसा लग रहा था मानो कर्फ्यू लगा हो या फिर किसी वीवीआईपी की मूवमेंट होने वाली हो। 

पर पता चला कि ये इंफाल शहर का सालों भर का नजारा है। इतनी मुस्तैद पुलिस मुझे कोहिमा की सड़कों पर नहीं दिखाई देती थी। पता चला कि मणिपुर में कई अंडरग्राउंड संगठन सक्रिय हैं जो कभी भी कहीं भी धमाका कर सकते हैं। इसलिए मणिपुर स्टेट राइफल्स, मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और केंद्र की ओर से तैनात दूसरे अर्धसैनिक बल के जवान हमेशा मुस्तैद रहते हैं। संगाई फेस्टिवल के अंदर भी कई चरणों में सुरक्षा का घेरा था। उत्सव के में जाने पर पता चला कि पिछले साल उत्सव के अंदर बम धमाका हो गया था। इसलिए इतनी कड़ी सुरक्षा है। हर किसी के कैमरे और मोबाइल की भी गहराई से जांच की जा रही थी।
संगाई फेस्टिवल से जैसे बाहर निकला हमारे आटो वाले भाई फिरोज मुझे लेकर होटल को चले तभी सामने से आते एक कार वाले ने कहा आगे बम धमाका हो गया है इस सड़क से मत जाओ। थोड़ा आगे बढ़ने पर मुस्तैद पुलिस सभी वाहनों को वापस भेज रही थी।

फिरोज ने भी आटो वापस मोड़ लिया। कई रास्तों की नाकेबंदी हो गई थी। खैर आटो वाले ने कई किलोमीटर का लंबा रास्ता तय कर मुझे मेरे एमजी एवेन्यू , थांगल बाजार स्थित होटल ह्वाइट पैलेस तक सुरक्षित पहुंचा ही दिया। मैंने फिरोज को धन्यवाद दिया। क्योंकि वह दो किलोमीटर की जगह 12 किलोमीटर चलाकर मुझे सुरक्षित होटल तक लेकर आया था।

होटल में आने पर देखा स्थानीय टीवी चैनलों पर इंफाल में बम धमाके की खबर चल रही थी।
पता चला कि राजभवन के पास एक पंप हाउस में बम धमाका हुआ है। इसमें असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया है,, जबकि एक आम नागरिक घायल हो गया है। मैंने पटना में अपनी पत्नी माधवी को फोन लगाया और खुद के सुरक्षित और होटल के अंदर होने की खबर दी और ईश्वर को धन्यवाद दिया।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य   
(HOTEL WHITE PALACE, IMPHAL, BOMB, SANGAI FESTIVAL) 

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