Thursday, January 16, 2014

मणिपुर का नाचता हिरण - संगाई

संगाई मतलब नाचता कुलांचे भरता हुआ हिरण। संगाई की खास बात है कि वह हरे भरे जंगलों में कुलांचे भरता है, फिर वह खास अंदाज में मुड़कर पीछे की ओर मुड़कर देखता है। इस समय उसकी सुंदरता और शर्मिलापन देखने लायक होता है। संगाई मणिपुर राज्य का राजकीय पशु है। संगाई का शब्द का मणिपुरी भाषा में अर्थ होता है - सा मतलब जानवर और नागाई मतलब प्रतीक्षा करना ( आसरा देखना) संगाई अपने पीछे मुड़कर देखने के के अंदाज में किसी की प्रतीक्षा करता हुआ नजर आता है। इस दौरान इस शर्मीले जीव की सुंदरता देखते बनती है।


पूर्वोत्तर के विष्णुपुर इलाके में सबसे बड़ी मीठे पानी की झील लोकटक लेक के आसपास के जंगलों में संगाई हिरण का प्राकृतिक तौर पर बसेरा है। संगाई मणिपुर राज्य का मणि है लेकिन इसकी संख्या दिनों दिन वहां कम होती जा रही है। दक्षिण एशिया में संगाई प्रजाति के तीन हिरन पाए जाते हैं। पहला थाईलैंड का संगाई, दूसरा म्यांमार का संगाई और तीसरा मणिपुर का संगाई।

मणिपुर में पहली बार 1839 में संगाई को इंफाल से 45 किलोमीटर दूर कंबुल लामे के जंगलों में देखा गया। आज भी संगाई प्राकृतिक रूप से मणिपुर के कंबुल लामे नेशनल जूलोजिकल पार्क  (अभ्यारण्य) में पाए जाते हैं। यह सुंदर जानवर मणिपुरी लोगों के जीवन में स्नेह और सम्मान का प्रतीक बन गया। पर धीरे-धीरे अवैध तरीके से शिकार के कारण इसकी संख्या कम होने लगी। 

एक समय में साल 1952 में तो मणिपुर में संगाई को विलुप्त घोषित कर दिया गया था, लेकिन बाद में अचानक एक जगह इसका झुंड दिखाई दे गया। तब संगाई का संरक्षण शुरू किया गया। अब संगाई को संरक्षित करने के लिए मणिपुर में सरकार अभियान चला रही है तो जागरूक नागरिकों का संगठन भी इसके संरक्षण में जुटा हुआ है।


संगाई एक्सप्रेस-  इंफाल के सबसे लोकप्रिय समाचार पत्र का नाम संगाई एक्सप्रेस है वहीं मणिपुर में तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठानों के नाम संगाई पर रखे हुए मिल जाएंगे। मणिपुर के सबसे बड़े सांस्कृतिक और व्यापारिक उत्सव का नाम भी संगाई फेस्टिवल रखा गया है। मणिपुर में पिछले कई दशकों सेअपने राजकीय पशु प्यारे से नाचते हिरण संगाई को बचाने की कवायद चल रही है।

 संगाई को बचाना है...
40 वर्ग किलोमीटर में फैले कैबुल नेशनल पार्क ( बिष्णुपुर जिला) में है संगाई का आवास
1999 में कैबुल को नेशनल पार्क का दर्जा मिला जो लोकटेक झील से लगा है।
1839 में पहली बार मणिपुर में संगाई हिरण (DANCING  DEER) देखे गए।
14 संगाई 1975 में थे मणिपुर में लेकिन 1995 में इनकी संख्या 155 बताई गई

1989 में एक नोटिफिकेशन जारी कर संगाई को मणिपुर का राजकीय पशु घोषित किया गया
-    विद्युत प्रकाश मौर्य (vidyutp@gmail.com) 

( MANIPUR, SANGAI, DEER) 


No comments:

Post a Comment