Monday, December 23, 2013

कुकुर मांस खाया जाता है नागालैंड में

कोहिमा में अपने होटल से स्नानादि से निवृत होकर बाहर निकला सोचा थोड़ी पेट पूजा कर ली जाए। सबसे पहले अपने होटल के रेस्टोरेंट में गया। पूछा खाने में क्या है। जवाब मिला- कुकुर मास, गोरू मांस और कई तरह के मांस आपको क्या चाहिए। मैं चौंक गया। सुन रखा था कि नागालैंड में लोग कुत्ते का मांस खाते हैं। लेकिन कोहिमा में देखा कि ज्यादातर होटलों में कुकुर मांस सुलभ है। इसके अलावा भैंसे का मांस, सूअर का मांस, गाय का मांस, मटन, चिकेन, मछली सब कुछ मिलता है।

जो लोग धार्मिक भावना से शाकाहारी हैं उन्हें थोड़ी मुश्किल हो सकती है नागालैंड में आकर। पर खान पान के तौर तरीकों के कारण नागालैंड बाकी हिंदुस्तान के हिस्सों से काफी अलग नजर आता है। पूरे कोहिमा शहर में कोई पूर्ण शाकाहारी होटल बिल्कुल नहीं है। एक रेस्टोरेंट के बाहर लिखा था - हमारी खासियत है पोर्क इंटेस्टाइन का मांस महज 40 रुपये में।



कुत्ते का मांस सबसे लोकप्रिय -
  नागालैंड वासी तो कुत्ते के मांस को सबसे बेहतरीन मानते हैं स्वाद और सेहत के लिए। कुछ लोगों का मानना है कि इस मांस को खाने से बुद्धि तीक्ष्ण होती है। इसलिए यहां सड़कों पर कुत्ते नजर नहीं आते। डिमापुर से कोहिमा आते समय बस में एक महिला मिली थी। वह अपने साथ दो पिल्ले लेकर आ रही थी। उसने बताया कि वह उन्हे 500-500 में खरीद कर ला रही है। कुछ साल तक पाल कर बड़ा करेगी। हमारे साथ चल रहे एक फौजी भाई ने बताया कि ये कुत्ते बड़े होने पर 4 से 5 हजार में बिकेंगे।


सबसे महंगा है कुत्ते का मांस -  कुत्ते का मांस नागालैंड में सबसे महंगा बिकता है। मैं जब नवंबर 2013 में यहां हूं तो कुत्ते का मांस 300 रुपये किलो तक बिक रहा है। वहीं भैंसे का 120 रुपये किलो का भाव है। तो चिकेन और मटन भैंसे के मांस से थोड़े महंगे हैं। यानी 150 रुपये किलो।

नागालैंड में कुत्ते के मांस की इतनी मांग है कि कुत्ते यहां दूसरे राज्यों से लाने पड़ते हैं। राज्य के 23 छोटे बड़े शहरों में सब्जी बाजार के साथ स्थित मांस मछली के बाजार में कुत्ते का मांस भी बिकता है। हालांकि कई बार यहां कुत्ते के मांस पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी उठी है। राज्य सरकार इस पर प्रतिबंध लगाने का विचार कर रही है।

सबसे बड़ी बात है कि कुत्ते के मांस की आपूर्ति के लिए नागालैंड में कुत्तों की दूसरे राज्यों से गैर कानूनी तरीके से खरीद बिक्री की जाती है। वैसे सिर्फ नगालैंड ही नहीं अरुणाचल प्रदेश से लेकर बंगाल के दार्जिलिंग तक भी कुत्ते का मांस खाया जाता है। एक नगा दोस्त ने यह भी राज की बात बताई की कुत्ते का मांस खाने से बुद्धि तीक्ष्ण होती है। मेरे के दोस्त ने मजेदार किस्सा सुनाया। एक नागालैंड का छात्र जो दिल्ली में पढ़ता था छुट्टियों में अपने गांव गया। उसने अपने घर में एक कुत्ता पाल रखा था। पिता को बेटे के आने की खुशी थी सो रात को शानदार भोज हुआ। सुबह बेटे ने देखा घर में उनका पालतू कुत्ता नहीं है। पिता ने पूछने पर बताया रात के भोज के लिए उसे कुत्ते को बलि दे दी।  

हरी सब्जियों की है बहार- 

भले ही नागालैंड में कुत्ते समेत कई तरह के मांसाहार लोकप्रिय हों पर नागालैंड में हरी सब्जियां खूब बिकती हैं। प्रकृति ने नागालैंड का जमकर हरियाली बक्शी है। आप घर में लाकर खूब हरी सब्जियां बना सकते हैं पर रेस्टोरेंट में ऐसी हरी सब्जियों से बने व्यंजनों का मिल जाना मुश्किल है।

हमारे एक पंजाब के साथी
 अनूप वत्स मैक्सिको गए थे एक महीने के लिए लौट कर आने पर उन्होंने बताया कि मैक्सिको में सब कुछ खाया जाता है। वहां कहावत है- इट एवरीथिंग दैट मूव्स। वे शाकाहारी थे जाहिर है उन्हें काफी दिक्कत हुई थी। कुछ ऐसा ही नजारा कोहिमा शहर का है। यहां भी वह सब कुछ खाया जाता है जो चीजें मूव करती यानी घूमती हैं।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य



( NAGA FOOD, DOG MEAT, PORK INTESTINE ) 

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