Thursday, December 12, 2013

जतिंगा - यहां परिंदे दे देते हैं अपनी जान

लमडिंग से हाफलौंग रेल मार्ग पर हाफलौंग से नौ किलोमीटर की दूरी पर एक रेलवे स्टेशन आता है जतिंगा। यहां पर है जतिंगा बर्ड सेंक्चुरी। पर ये पक्षी विहार देश के बाकी पक्षी विहारों से अलग है। ये जाना जाता है पक्षियों की कुरबानी यानी शहादत के लिए। हर साल बड़ी संख्या में यहां पक्षी आत्महत्या कर लेते हैं। जतिंगा घाटी अपने सौंदर्य से ज्यादा पक्षियों की आत्महत्या के लिए मशहूर है। खासकर हर साल अक्तूबर से दिसंबर महीने के बीच यहां पक्षियों की आत्महत्याएं ज्यादा होती हैं। इसका समय भी शाम से सात बजे से रात के दस बजे के बीच होता है।

जतिंगा बर्ड सेंक्चुरी में किंगफिशर, पांडा हैरोन, ब्लैक बिटर्न, टाइगर बिटर्न जैसे कई पक्षी पाए जाते हैं। यहां प्रवासी पक्षी भी पहुंचते वहीं स्थानीय पक्षियों की संख्या भी सैकड़ों में है। पर जतिंगा के पक्षी अपने विचित्र व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। 1988 में असम में जब भयावह बाढ़ की स्थिति बनी तब यहां पक्षियों ने बड़ी संख्यामें आत्मदाह किया। हालांकि पक्षियों में आत्महत्या की प्रवृति मिजोरम, फिलीपींस और मलेशिया में भी देखने को मिलती है।
गांव के लोग मानते हैं कि ये बुरी आत्माओं के शाप के कारण होता है। कहा यह भी जाता है कि यहां वास्तव में पक्षी आत्महत्या नहीं करते बल्कि गांव के लोग बांस से सर से इनका शिकार कर डालते हैं। जतिंगा में पक्षियों के आत्मदाह पर जूलोजिकल सर्वे आफ इंडिया ने भी कई बार अध्ययन करवाया। इसमें जाने माने पक्षी वैज्ञानिक डा सेनगुप्ता अध्ययन कर चुके हैं। वैज्ञानिक अध्ययन में ऐसा माना जाता है कि घने कोहरे में फंसे पक्षी प्रकाश की तलाश में आत्महत्या कर लेते हैं। गांव में शाम को कहीं रोशनी दिखाई देने पर वहां मरे हुए पक्षी मिलते हैं। अध्ययन बताता है कि कुल 44 स्थानीय प्रजाति की पक्षियों में आत्महत्या की प्रवृति पाई जाती है। जतिंगा के पक्षियों असमान्य व्यवहार पर जाने माने पक्षी वैज्ञानिक डाक्टर सलीम अली और डाक्टर रऊफ भी अध्ययन कर चुके हैं।

कैसे पहुंचे जतिंगा गुवाहाटी से 330 किलोमीटर है। अगर आप जतिंगा में पक्षियों को देखने जाना चाहते हैं तो वहां आपके लिए एक बर्ड वाचिंग टावर भी बनाया गया है। यहां जाने के लिए आप हाफलौंग शहर में भी रुक सकते हैं जहां सरकारी गेस्ट हाउस और कई निजी होटल भी हैं। जतिंगा में रहने के लिए हाफलौंग में वन विहार के दफ्तर से संपर्क करके  पहले से बुकिंग करा सकते हैं।
-    विद्युत प्रकाश मौर्य
वेबसाइट पर जाएं- www.online.assam.gov.in
असम टूरिज्म www.assamtourismonline.com
डिमा हसाओ जिला की वेबसाइट - www.nchills.gov.in  

हाफलौंग के होटल -  
Circuit House, Haflong  Dial: +91-3673-236223
Dak Baunglow, Haflong  Dial:  +91-3673-236273
Hotel Elite, Haflong   Dial:  +91-3673-236708237350
Hotel Joyeswari, Haflong  Dial: +91-3673-236484
Hotel Valley View, Haflong Dial: +91-3673-239378
Hotel Eastern, Haflong  Dial: +91-3673-236476
Hotel Rahmania, Haflong Dial:+91-3673-236363
Nothao The Little Homes Lodge, Haflong Dial: +91-3673-236247 M-94350-77695

( बराक वैली एक्सप्रेस, Barak Valley Express-7 )

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