Tuesday, July 16, 2013

घाटों की देवी -- घटजई देवी का मंदिर

देश के हर हिस्से के अपने लोक देवता होते हैं। आप देश के जिस कोने में भी जाएंगे आपको कुछ ऐसे मंदिर मिल जाएंगे जो स्थानीय मान्यताओं और पंरपरा से आबद्ध होते हैं। पहाड़ों की खूबसूरत वादियों के बीच पंचगनी में भी एक ऐसा ही मंदिर है। पंचगनी घूमाने वाले ड्राईवर महोदय हमें घटजई देवी के मंदिर ले गए। पंचगनी में घटजई देवी का मंदिर को लोग पहाड़ों की देवी कहते हैं। छोटा सा ये मंदिर आसपास के लोगों के बीच आस्था का बड़ा केंद्र है। जैसे उत्तराखंड में धारी देवी का मंदिर है जिनके बारे में कहा जाता है कि वह पहाड़ों की रक्षा करती हैं, उसी तरह घाटों की रक्षा करने वाली हैं घटजई देवी।

देश के अलग अलग हिस्सों में शक्ति की देवी के मंदिर जरूर हैं पर वे स्थानीय नामों से जाने जाते हैं। घटजई देवी का मंदिर कितना पुराना है इसके बारे में सही सही नहीं पता चलता है। पर कहा जाता है इस मंदिर की स्थापना शिवाजी ने की थी। इस आधार पर मंदिर लगभग 450 साल पुराना है। पर जनश्रुतियों के मुताबिक मां के ये मंदिर और भी पुराना है। स्थानीय लोग इसे हजारों साल पुराना मानते हैं। वास्तव में घटजई मां भवानी का ही एक रूप हैं।

मंदिर के गर्भ गृह में दो मूर्तियां हैं। एक मूर्ति मां घटजई देवी की है तो दूसरी पंचगनी गांव की कुलदेवी की कालेश्वरी की प्रतिमा है। दोनों को मंदिर में एक साथ स्थापित किया गया है। दोनों ही मूर्तियां सुनहले रंग की हैं। दर्शन से प्रतीत होता है मानो देवी ममता से भरी भक्तों को आशीर्वाद देती प्रतीत हो रही हों।मंदिर के परिसर मे दीप स्तंभ स्थापित किया गया है जिस पर आने वाले श्रद्धालु आस्था का दीप जलाते हैं।

 मंदिर का परिसर अत्यंत साफ सुथरा है। हरियाली विराजती है। बैठने के लिए बेंच और डस्टबिन करीने से स्थापित की गई है। वैसे तो मंदिर में लोग सालों भर पूजा करने पहुंचते हैं, पर होली के बाद चैत्र महीने में यहां बहुत बड़ा मेला लगता है। यह मेला पंचगनी का बड़ा मेला होता है। इस मेले में स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शिरकत करते हैं।

कैसे पहुंचें - घटजई देवी का मंदिर पंचगनी शहर में टेबल लैंड के पास ही है। पंचगनी के मुख्य बस स्टैंड से पैदल चलकर भी आप मंदिर तक पहुंच सकते हैं। वैसे अच्छा होगा कि पंचगनी घूमने के लिए एक टैक्सी बुक करें वह आपको घटजई देवी के मंदिर भी लेकर जाएगा।

 -- vidyutp@gmail.com

( PANCHGANI, GHATJAI DEVI TEMPLE, SATARA, MAHARASTRA)

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