Wednesday, January 30, 2013

रावणेश्वर यानी वैद्यनाथ मंदिर देवघर (09)

 शिव का नौवां ज्योतिर्लिंग मंदिर का देवघर का वैद्यनाथ धाम मंदिर। झारखंड राज्य के देवघर जिले में स्थित ये मंदिर देश भर के करोड़ों श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र है। दिल्ली हावड़ा रेल लाइन पर जैसीडीह स्टेशन से छह किलोमीटर आगे देवघर में ये मंदिर स्थित है।
शिव पुराण के मुताबिक इस क्षेत्र को चिताभूमि कहा गया है। शिव सती के शव को लेकर जब उन्मत होकर घूम रहे थे तब सती का ह्रतपिंड यहां गलकर गिर गया था। इसलिए ये स्थली 51 शक्तिपीठ में से भी एक है।
वैद्यनाथ शिवलिंग की स्थापना का इतिहास बहुत पुराना है। कहा जाता है रावण ने शिव की घोर तपस्या कर उनके आत्म लिंग को लंका ले जाने के लिए राजी कर लिया। शिवजी तैयार हो गए लेकिन कहा कि अगर बीच रास्ते में मुझे कहीं धरती पर रखा तो मैं वहीं रह जाउंगा। रावण शिवलिंग को लेकर लंका चल पड़ा। देवताओं में हड़कंप मच गया। देवताओं की कोशिश से चिताभूमि में पहुंचने पर रावण को लघु शंका लगी। रावण ने पास में खड़े ग्वाल बालक को शिवलिंग सौंप कर निवृत होने लगा। लेकिन शिवलिंग काफी भारी होने कारण ग्वाल बालक ने शिवलिंग को वहीं धरती पर स्थापित कर दिया। रावण ने वापस आने पर पूरी कोशिश की लेकिन वह शिवलिंग को उठा नहीं पाया। गुस्से में रावण ने शिवलिंग को अपने अंगूठे से और दबा दिया। इसलिए वैद्यनाथ को रावणेश्वर भी कहते हैं।


सावन मास में उमड़ते हैं श्रद्धालु
इस मंदिर में सावन मास में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ होती है। लोग 120 किलोमीटर पहले सुल्तानगंज में गंगा नदी से कांवर में जल लेकर पैदल चलकर यहां आकर शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस यात्रा को बोल बम कहते हैं। सालों भर सोमवार के दिन खास तौर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। मंदिर के पास ही शिवगंगा तालाब है। श्रद्धालु शिवगंगा में डुबकी लगाने के बाद शिव को जलार्पण करते हैं। देवघर शहर की जलवायु काफी अच्छी है। इसे रोगों से मुक्त करने वाला शहर बताया गया है।

वर्तमान में जो देवघर में बाा वैद्यनाथ का मंदिर है उसकी स्थापना का काल 1596 माना जाता है। कहा जाता है कि बैजू नामक एक चरवाहे ने जंगलों में वर्तमान शिवलिंगम की खोज की थी। 

मंदिर खुलने का समय - सुबह 4.00 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक। शाम 6.00 से रात्रि 9.00 बजे तक। सावन और शिवरात्रि जैसे मौके पर मंदिर सारी रात खुला रहता है। 

कैसे पहुंचे - दिल्ली हावड़ा मुख्य रेलवे लाइन पर जैसीडीह नामक रेलवे स्टेशनसे देवघर की दूरी 6 किलोमीटर है। जैसीडीह में सभी प्रमुख ट्रेनें रुकती हैं। वैसे जैसीडीह से देवघर के बीच रेलवे लाइन है। देवघर के स्टेशन का नाम वैद्यनाथ देवघर है। वैसे आप पटना, भागलपुर,दुमका जैसे शहरों से सड़क मार्ग से देवघर पहुंच सकते हैं। देवघर आने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या बाबा धाम के बाद बासुकीनाथ के दर्शन करने जाते हैं। बासुकनीथ देवघर से 42 किलोमीटर दूर जरमुंडी नामक स्थान पर है। 


बाबा धाम पर बनी है फिल्म - देवघर के वैद्यनाथ मंदिर पर एक हिंदी फीचर फिल्म बन चुकी है। 1980 में बनी इस फिल्म का नाम गंगाधाम था। इसमें अरुण गोविल हीरो थे। नामिता चंद्रा अभिनेत्री थीं। वहीं सुनील दत्त अतिथि भूमिका में थे। फिल्म आस्था की यात्रा बोलबम पर केंद्रित है।  
-     -------    माधवी रंजना 
   
( बाबा वैद्यनाथधाम की वेबसाइट - http://www.babadham.org/ )

(   ( JYOTIRLINGAM, TEMPLE, SHIVA, DEOGHAR, DEVGHAR, JHARKHAND) 
   


No comments:

Post a Comment