Sunday, August 4, 2013

पंजाब के सीमांत जिलों की ओर

नई शताब्दी की नई सुबह। एक यात्रा आरंभ होती है सोणे पंजाब के सीमांत जिलों की ओर। अमर उजाला के सर्जिकल कांप्लेक्स जालंधर स्थित दफ्तर से हम पांच साथी सर्वश्री अजय शुक्ला, नवीन श्रीवास्तव, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, बिश्वजीत भट्टाचार्य और मैं विद्युत प्रकाश एक सफर रवाना हुए। मकसद था पंजाब के कुछ शहरों को देखना। अमर उजाला तब अमर उजाला के पंजाब संस्करण का काम देख रहे राजुल माहेश्वरी और अजय अग्रवाल ने अपने पत्रकारों के लिए पंजाब भ्रमण की ये योजना बनाई थी।
एक जनवरी 2000 की सुबह हम निकल पड़े एक गाड़ी में। धुंध इतनी थी कि सड़क ज्यादा दूर की चीजें दिखाई नहीं दे रही थीं। जालंधर से तकरीबन 80 किलोमीटर दूर मोगा जिला आने पर सर्दी की मीठी धूप ने हमारा स्वागत किया। मोगा के मार्ग पर नकोदर, मलसियां शाहकोट, धरमकोट जैसे स्थान आए।

मोगा तकरीबन दो लाख आबादी वाला पंजाब का शहर। यह आतंकवाद के समय पंजाब का काफी संवेदनशील जिला रहा। यह पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की जन्म स्थली ( जगराओं तहसील) भी है। यहां एक गुरुद्वारे में गुरूग्रथ साहिब की मूल पांडुलिपी रखी है। कपास चावल गेहूं इस क्षेत्र की मुख्य फसलें हैं। हमारे मोगा के तब के प्रभारी सत्येन ओझा ने बताया कि आतंकवाद के दौरान सबसे ज्यादा वारदातें मोगा में हुईं। अब ये खुशहाल शहर है। यहां नेस्ले चाकलेट का प्लांट और अनाज की बड़ी मंडी है।

मोगा का गीता भवन - गीता भवन मंदिर शहर का दर्शनीय स्थल है। यह शहर की सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी है। गीता भवन ट्रस्ट शहर में कई स्कूलों का भी संचालन करता है। इस मंदिर की स्थापना स्वामी वेदांतानंद जी ने की। गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी मोगा ने ही हरिद्वार का अत्यंत खूबसूरत और प्रसिद्ध पावन धाम मंदिर बनवाया है। तीन घंटे मोगा रुकने के बाद हमलोग आगे बढ़े।

बाबा फरीद का शहर फरीदकोट - हमारा अगला पड़ाव था फरीदकोट। सूफी संत बाबा फरीद के नाम पर इस शहर का नाम फरीदकोट पड़ा। बाबा फरीद के वचन गुरुवाणी में भी संकलित है। शहर में बाबा फरीद दरगाह भी है। जहां दूर-दूर से लोग आते हैं। यह जिला थल सेना और सीमा सुरक्षा बल का महत्वपूर्ण केंद्र है। खेल इस शहर की धड़कन है। यहां अमर उजाला के प्रभारी श्री रामप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि हॉकी टीम की सैनी बहनों ने शहर की शान बढ़ाई है तो छह हॉकी के कोच इस शहर से हुए हैं। यहां पंजाब की मेडिकल यूनीवर्सिटी बाबा फरीद यूनीवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेस स्थित है।

फिरोजपुर की ओर – हमारा फरीदकोट से फिरोजपुर का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा। अंधेरी शाम में गहरी धुंध को चिरती हमारी जीप बमुश्किल 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल पा रही थी। धुंध के कारण रास्ते में हमें कई सड़क हादसे दीखे। खैर हम सकुशल फिरोजपुर पहुंचे। ऐतिहासिक राजा टाकीज परिसर में अमर उजाला के दफ्तर में श्री अमित श्रीवास्तव हमारा इंतजार कर रहे थे। यूपी के शाहजहांपुर के रहने वाले अमित जुझारू पत्रकार हैं। उनकी पोस्टिंग यहां जिला प्रभारी के तौर पर हुई है।


उन्होंने बताया कि राजा टाकीज पहले लाहौर की रियासत का नाच घर हुआ करता था। फिरोजपुर पंजाब का सीमांत जिला विशुद्ध पंजाबी और राज्य के बाकी जिलों की तुलना में पिछड़ा हुआ शहर है। उत्तर रेलवे का मंडल कार्यालय फिरोजपुर में है। हमारा रात्रि विश्राम इसी शहर में था। राजा टाकीज के पास ही हमलोग एक होटल में ठहरे। 

-    -   विद्युत प्रकाश मौर्य  
( MOGA, FIROJPUR, RAJA TALKEES, FARIDKOT, PUNJAB)

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