Saturday, August 3, 2013

खाने-पीने की बहार है उज्जैन में

खाने पीने की बात करें तो उज्जैन देश के सबसे सस्ते शहरों में शुमार होगा। रेलवे स्टेशन और महाकाल मंदिर के आसपास के भोजनालयों में आपको शाकाहारी खाने की थाली महज 30 रुपये में मिल जाएगी। एक जगह तो 20 रुपये आठ चपाती सब्जी के साथ मिलती है। दिल्ली और दूसरे शहरों से तुलना करें तो जेब के लिए राहत है। अगर आप थोड़े से अच्छे भोजनालय में पहुंचे तो 70 रुपये तक में आपको थ्री स्टार होटलों जैसी थाली जीमने को मिल जाएगी। दूसरे शहरों से तुलना करें तो उज्जैन में रोटी अभी सस्ती है। इसका एक कारण ये भी हो सकता है कि मालवा प्रांत गेहूं का बड़ा उत्पादक है। गेहूं के दाम इस इलाके में कम होने के कारण रोटी भी लागात के हिसाब से सस्ती पड़ती है।
महाकाल का प्रसाद  उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महाकाल मंदिर में भी भोजन की व्यवस्था है। महाकाल का यह प्रसाद 10 रुपये के टोकन पर मिलता है। बड़ा गणेश मंदिर के पास टोकन काउंटर है। उज्जैन से बाहर से आने वाले लोग महाकाल का प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। इसमें सुस्वादु भोजन की व्यवस्था है। उज्जैन की सड़कों पर घूमते हुए आप डोसा, इडली और सांची के छाछ का भी स्वाद ले सकते हैं।


उज्जैन रेलवे स्टेशन के सामने है सपना नमकीन की दुकान। इस दुकान की मिठाई घुपचुप जरूर खाएं। 
नमकीन और सेव का शहर  इंदौर और उज्जैन पोहा के अलावा नमकीन और सेव के लिए जाने जाते हैं। यहां घरेलू उद्योग के तौर पर नमकीन और सेव के सैकड़ो उत्पादक हैं। यहां आपको बीकानेर से अलग नमकीन की सैकड़ो वेराइटी चखने को मिल सकती है। दरें वाजिब और स्वाद जो रहे हमेशा याद। प्लेन सेव के अलावा मसालेदार सेव में लौंग सेव, लहसुन सेव का स्वाद अच्छा है। इसके अलावा खट्टा मीठा की भी दर्जनों वेराइटी आपको उज्जैन के बाजारों में मिल सकती है। अगर आप उज्जैन से जा रहे हैं तो अलग अलग पैकेट के कुछ नमकीन जरूर खरीदें। मालवा क्षेत्र में जब आप कई घरों में खाने जाएंगे तो यहां लोग खाने की थाली में भी सब्जी, रोटी, दाल आदि के साथ नमकीन व सेव भी परोसते हैं।
उज्जैन से हमारी वापसी का टिकट इंदौर निजामुद्दीन एक्सप्रेस ट्रेन से है। ट्रेन अपने नियत समय साढ़े पांच बजे उज्जैन जंक्शन पर आकर लग गई। बाबू सिंह कुशवाहा जी के परिवार से विदाई लेकर हमलोग समय से स्टेशन पहुंच गए। ट्रेन यहां चलने के बाद आधे घंटे नागदा जंक्शन पर रुक गई। यहां पर खाने पीने के बेहतर विकल्प मौजूद हैं। यहां से ट्रेन चली तो हम सो चुके थे। सुबह हुई तो हम दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर थे। ( यात्रा काल - मई 2013 ) 

-    - विद्युत प्रकाश मौर्य 


( NAMKIN AND SEV, UJJAIN, THALI FOOD )   

  

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