Monday, August 6, 2012

दार्जिलिंग का बोटानिकल गार्डन

दार्जिलिंग बंगाल का हिस्सा जरूर है पर अपने भौगोलिक परिवेश के कारण यह पूर्वोत्तर के राज्य सिक्किम से ज्यादा मिलता जुलता है। दार्जिलिंग क्षेत्र में ज्यादा आबादी नेपाली और भूटिया लोगों की है। नेपाली लोग लंबे समय से अलग गोरखालैंड राज्य की मांग कर रहे हैं। समय समय पर होने वाले गोरखालैंड के आंदोलन के कारण दार्जिलिंग में पर्यटन काफी प्रभावित होता है। हमारे दार्जलिंग प्रवास के दौरान 5 जुलाई को गोरखा संगठनों ने बंद का आह्वान कर डाला था। बंद मतलब पूरा बंद। घूमने के लिए वाहन नहीं मिलेंगे। लेकिन हमें बताया गया कि आप पैदल घूम सकते हैं, टूरिस्टों को कोई परेशान नहीं करेगा। तो हमने पदयात्रा करने की ठानी, और घूमते घूमते पहुंच गए 1878 के बने बोटानिकल गार्डन में।


दार्जिलिंग का प्रमुख आकर्षण है लिलाड्स बोटानिकल गार्डन। ये गार्डन 1878 में अस्तित्व में आया। 40 एकड़ में फैले इस गार्डन को कोलकाता के बोटानिकल गार्डन का विस्तार भी माना जाता है। 
ब्रिटिश लोगों ने इस गार्डन को संजोया था खास तौर पर बीमार ब्रिटिश लोगों का हर्बल तरीके से उपचार करने के लिए। इसलिए इस गार्डन में खास तौर पर वैसे पेड़ पौधे लगाए गए हैं जो हिमालय क्षेत्र में ही पाए जाते हैं। बंगाल सरकार के तत्कालीन सचिव सर एसले एडन ने इस गार्डन को बनवे के लिए जमीन का अधिग्रहण किया।

इस उद्यान का नाम लिलाड बैंक के मालिक विलियम लिलाड के नाम पर रखा गया। लिलाड ने इस गार्डन को बनवाने के लिए धन की व्यवस्था की। आज भी लिलाड्स बोटानिकल गार्डन एशिया के श्रेष्ठ वनस्पति उद्यानों में शुमार है। इस गार्डन के ठीक ऊपर इडेन सेनोटोरियम नामक एक हास्पीटल बना है जहां बीमार ब्रिटिश अधिकारी उपचार के लिए आते थे। ये गार्डन हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले वनस्पतियों के अध्ययन का भी बड़ा केंद्र रहा है। आज भी वनस्पतियों के अध्ययन के लिए दूर दूर से छात्र और विशेषज्ञ यहां पहुंचते हैं।

लिलाड्स बोटानिकल गार्डन दार्जिलिंग के बस स्टैंड से थोड़ा आगे मुख्य सड़क पर है। यहां प्रवेश के लिए कोई टिकट नहीं है। सातो दिन इस गार्डन में घूमने के लिए जा सकते हैं।

आजादी के बाद पश्चिम बंगाल सरकार का वन विभाग इस गार्डन की व्यवस्था देखता है। कई एकड़ में फैले ऊंचे नीचे धरातल वाले इस गार्डन को घूमने के लिए आप कुछ घंटों का वक्त निकाल कर पहुंचें। गार्डन के नीचले सतह से दार्जिलिंग शहर का सुंदर लैंडस्केप दिखाई देता है। गार्डन के अंदर एक विशाल हर्बल गार्डन है जिसमें अलग-अलग तरह के बीमारियों को दूर करने वाले प्लांट लगाए जाते हैं। गार्डन में बच्चों के लिए कुछ झूले भी लगाए गए हैं।

-     - विद्युत प्रकाश मौर्य- vidyutp@gmail.com

((LLOYD BOTANICAL GARDEN, DARJEELING, BENGAL, HERBAL PLANTS ) 

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