Monday, June 24, 2013

चलो चलें - सपनों से प्यारे दीव में


दीव एक अलग राज्य। एक सपनों का शहर। दीव वेरावल या सोमनाथ से 90 किलोमीटर दूर है। वेरावल से बस से दीव जाया जा सकता है। वैसे डेलवाडा तक मीटर गेज की ट्रेन भी जाती है। वहां से दीव बार्डर छह किलोमीटर रह जाता है। पर सिर्फ एक ट्रेन सोमनाथ से शाम को 4 बजे चलती है। इसलिए हमने गुजरात रोडवेज की बस से दीव के लिए अग्रिम टिकट बुक करा रखा था। बस वेरावल बस स्टैंड से सुबह 10 बजे थी। वेरावल सोमनाथ से 7 किलोमीटर दूर सोमनाथ से बड़ा शहर है। बस स्टैंड के आसपास खाने पीने के लिए कुछ अच्छे विकल्प हैं। वेरावल से दीव तीन घंटे का रास्ता है। रास्ता मनोरम है। सफर में अरब सागर से आने वाली ठंडी हवाएं गर्मी के एहसास को कम करती हैं। वेरावल से टैक्सी या टेंपो से भी दीव जाया जा सकता है। रास्ते में ठीक बीचों बीच कोडीनार नामक शहर आता है।

 दीव  की सीमा आरंभ होने से पहले जूनागढ़ जिले का उना शहर आता है। ये दीव से पहले गुजरात का बड़ा शहर है। यहां से दीव 10 किलोमीटर रह जाता है। दीव कभी गोवा के साथ हुआ करता था। पर गोवा के अलग राज्य बन जाने के बाद अब दमन और दीव अलग केंद्र शासित राज्य हैं। हालांकि दमन मुंबई के पास है और यह दीव से 700 किलोमीटर दूर है। लेकिन राज्य के प्रशासक दमन में बैठते हैं। दीव में कलेक्टर प्रशासन देखते हैं।

उना ने से आगे बढ़ने पर समंदर की ठंडी हवाओं का एहसास बढ़ जाता है। दीव का शानदार प्रवेश द्वार आता है। लिखा है वेलकम टू दीव। इसके बाद आरंभ हो जाती है एक अलग खूबसूरत दुनिया। 

दीव के गेट के पास ही है घगोला बीच। लेकिन दीव का बस स्टैंड दीव बार्डर से लगभग छह किलोमीटर अंदर है। दीव के खूबसूरत बस स्टैंड से हमारा होटल सम्राट कुछ मिनट पैदल चलने की दूरी पर था। यह दीव के दूसरे प्रमुख होटल सीडाडे इन की शाखा है। होटल के स्वीमिंग पुल में नहाकर सफर की थकान दूर हो गई।
-   -    विद्युत प्रकाश - vidyutp@gmail.com   
http://www.diutourism.co.in/

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