Friday, July 26, 2013

नासिक से ओंकारेश्वर वाया खंडवा

 महाराष्ट्र के शहर नासिक के बाद हमारा अगला पड़ाव था मध्य प्रदेश का ओंकारेश्वर। यहां भी अगला ज्योतिर्लिंग दर्शन करना था। नासिक से खंडवा का रेल का सफर छह घंटे का है। नासिक रोड से हमारी ट्रेन 13202 एलटीटी पटना राजेंद्रनगर एक्सप्रेस रात में 1.50 बजे थी। ट्रेन पकड़ने के लिए हमने नासिक रेलवे स्टेशन के सामने होटल में कमरा ले लिया था। स्टेशन के सामने एक मार्केट में दूसरी मंजिल पर होटल। कमरा मिला 350 रुपये में डबल बेड। हालांकि यहां मच्छर बहुत थे। रात को एक बजे होटल छोड़कर प्लेटफार्म पर आ गए। ट्रेन समय पर आई। यह ट्रेन हमारे शहर पटना जाती है हालांकि हम इस ट्रेन में फिलहाल छोटी यात्रा कर रहे हैं। हम सुबह आठ बजे खंडवा जंक्शन पहुंच गए थे। खंडवा गायक अभिनेता किशोर कुमार की जन्मस्थली है। वही जिंदगी एक सफर है सुहाना वाले....किशोर दा कई बार अपना परिचय किशोर कुमार खंडवा वाले कह कर देते थे। 

खंडवा जिले में ही शहर से 55 किलोमीटर की दूरी पर है ओंकारेश्वर। खंडवा से ओंकारेश्वर के बीच छोटी लाइन यानी मीटर गेज की रेल सेवा है। अकोला-इंदौर-उज्जैन मार्ग। हालांकि अब इस मीटर गेज को ब्राडगेज में बदलने की तैयारी चल रही है। खंडवा में ट्रेन से उतरते ही हमें ओंकारेश्वर वाले पैसेंजर ट्रेन के आने की जानकारी मिली जो एक घंटे लेट होने के कारण हमें मिल गई। हमलोग फटाफट टिकट खरीदकर ट्रेन में सवार हो लिए। पर पैसेंजर ट्रेन में बैठने के लिए आसानी से जगह नहीं मिली। 
अनादि पैसेंजर ट्रेन की उपरी बर्थ पर. कभी ऐसे भी सफर करना पड़ता है

अनादि और मैं पैसेंजर ट्रेन के ऊपर वाले बर्थ पर पहुंच गए। पहाड़ी रास्ते से में कई छोटे-छोटे कोटलाखेड़ी, निमाडखेडी, सनावद जैसे स्टेशनों से होते हुए ट्रेन डेढ़ घंटे बाद ओंकारेश्वर रोड स्टेशन पहुंची। यहां से ओंकारेश्वर 12 किलोमीटर है। बसें जाती हैं और आटोरिक्शा भी। हमने एक आटो बुक किया।


गजानन आश्रम में - पहले से कुछ ब्लॉगर साथियों ने गजनान संस्थान के बारे में लिख रखा था। इसलिए हम सीधे गजानन संस्थान ही पहुंचे। कई एकड़ में फैला गुलाबी रंग का अति सुंदर हरित परिसर। हम स्वागत कक्ष पर पहुंचे। थोड़ी औपचरिकता के बाद भक्त निवास -2 में कमरा नंबर छह मिला हमें। तीन बेड वाला विशाल कमरा आधार तल पर।

जीरो प्वाइंट से गजानन आश्रम । 
 दो तरफ खिड़की के बाहर हरियाली। विशाल कूलर की ठंडी हवा के साथ। टायलेट अटैच, अलमारी वैगेरह सुविधाओं के साथ कमरे का किराया महज 325 रुपये। कूलर का 50 रुपये अतिरिक्त है। पूरे देश में प्रकृति के गोद में इतना सुंदर और सस्ता आवास शायद ही कहीं उपलब्ध हो।
यहां कुल चार भक्त निवास में कई सौ लोगों के रहने की व्यवस्था है। समूह में आने वालों के लिए बड़े-बड़े हॉल भी हैं। परिसर में नीम और पीपल के पेड़ की ठंडी हवा इतनी अच्छी लगती है की कहीं जाने का जी ही नहीं करता। हरी-हरी घास इतनी नरम की अनादि इस पर ही लेटे रहना चाहते थे। परिसर में गजानन महाराज का सुंदर सा मंदिर भी है जिसमें नियमित पूजा होती है। 
आश्रम में भोजनालय भी - 
गजानन आश्रम में हमारा कमरा। 
गजनान आश्रम में एक शानदार भोजनालय भी है जहां 30 रुपये में भोजन की थाली उपलब्ध है। भोजनालय में स्वच्छता का खास ख्याल रखा जाता है। नास्ते में 6 रुपये में पोहा तो 9 रुपये में उपमा मिल जाता है। आश्रम में मिनरल वाटर की ठंडी बोतल में महज 11 रुपये में मिल जाती है, जो बाहल 20 रुपये की मिलती है।

-    ------   विद्युत प्रकाश मौर्य
( (GAJANAN ASHRAM, OMKARESHWAR, KHANDWA, MP ) 

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