Thursday, July 24, 2014

तैयारी शिविर की दिनचर्या (( 8 ))

रेलवे स्टेशन पर ही सुबह सुबह व्यायाम करते हैं युवा 
( पहियों पर जिंदगी-8)
सद्भावना रेल यात्रा की तैयारी शिविर की दिनचर्या समान्य शिविरों की तरह ही है। पांच बजे सुबह जागरण गीत नव जवान आओ रे नव जवान गाओ रे से होती है।
शिविर में युवाओं को रेल यात्रा के अनुशासन और उसकी योजना के बारे में जानकारी दी जा रही। साथ ही
यात्रा की हर मोर्चे पर तैयारी भी चल रही है। 83 साल के अवकाशप्राप्त शारीरिक शिक्षक हरिभाउ बारपुटे भी शिविर में आए हैं। वे हमें रोज व्यायाम सीखाते हैं। छोटीकद के बारपुटे जी की जोश किसी नौजवान जैसा ही है। रोज दो घंटे स्टेडियम के आसपास ही श्रमदान का कार्य होता है। दोपहर में बौद्धिक चर्चा होती है। सद्भवाना यात्रा आखिर क्यों इस विषय पर शिविर में परिचर्चा का आयोजन किया गया। कई बार शिविर में ऐसी चर्चाओं के दौरान मैं मंच संचालन करता हूं। उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, आंध्र, महाराष्ट्र, केरल, बिहार  मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश के युवाओं ने अपने विचार रखे। 


दिल्ली के नरेला में सर्वधर्म प्रार्थना मई 1994 समापन के दौरान। 
युवाओं के विचारों पर आकाशवाणी ने एक रुपक का भी निर्माण किया। मैंने भी आकाशवाणी के इस रुपक में अपने विचार साझा किए। झांसी से एमबीए के छात्र देवेंद्र गौड़ आए हैं जो रेल यात्रा के दफ्तर को संभाल रहे हैं। वसंत रोड पर रेलवे कालोनी में रहने वाले पंकज शर्मा से दोस्ती हुई। वे यात्रा को लेकर काफी उत्साहित हैं लेकिन हमारे आमंत्रण पर यात्रा में शामिल होने के लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं। 

प्रारंभ के तीन दिन दिल्ली रेलवे स्टेशन के आसपास पोस्टर बैनर, स्टीकर के माध्यम से रेलयात्रा का प्रचार प्रसार किया गया। देशभर से आए युवाओं में यात्रा को लेकर बड़ा रोमांच और उत्साह है। उड़ीसा से आए भाई राम प्रसाद डलाई सद्भावना के लिए एक खास गीत बनाने में जुटे हुए हैं। वहीं साथी सद्भावना के नए नए नारे भी रचने में लगे हैं। बेंगलुरु के आर्ट कालेज के कुछ छात्र आए हैं जो रेलगाड़ी के कोच को डिजाइन करने में लगे हैं। कोच पर सदभावना के नारे और सभी धर्मों के प्रतीक चिन्ह बनाए जा रहे हैं।

करनैल सिंह रेलवे स्टेडियम के हाल में हमलोग रात को सोते हैं। यहां रेलवे का बहुत अच्छा स्वीमिंग पुल भी है। एक दिन हम सभी शिविरार्थियों को उस स्वीमिंग पुल में नहाने की भी अनुमति मिली। हालांकि मैं तैरना नहीं जानता लेकिन नहाकर मजा आ गया।

-विद्युत प्रकाश मौर्य


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