Sunday, July 28, 2013

लोगों की अखंड आस्था है गजनान महाराज में

महान संत गजानन महाराज द्वारा स्थापित गजानन सेवा संस्थान का मुख्य आश्रम शेगांव ( अकोला के पास ) में है। शेगांव विशाल आनंद सागर नगर बनाया गया है। यहां श्रद्धालुओं के लिए आवास के अलावा बच्चों के लिए शानदार पार्क और झूले बनाए गए हैं। बच्चों के लिए खिलौना ट्रेन भी है। ऐसा प्रतीत होता है मानो गजानन महाराज को बच्चों से काफी स्नेह था। इसके अलावा आश्रम ने ओंकारेश्वर, त्रयंबकेश्वर और पंढरपुर में भी आवासीय कांप्लेक्स बनाए हैं।

एडवांस बुकिंग नहीं - गजानन संस्थान के किसी भी आश्रम में रहने के लिए कोई एडवांस बुकिंग की सुविधा नहीं है। मौके पर पहुंचकर ही उपलब्धता देखी जा सकती है। आश्रम में रहने वाले श्रद्धालुओं को एक संकल्प पत्र पढ़ना पड़ता है। इसमें नशीले पदार्थों का सेवन न करने की बात के साथ ज्यादा शोर करने पर पाबंदी है। गजानन आश्रम में श्रद्धालु अधिकतम तीन दिन रह सकते हैं।

सारा इंतजाम सेवादारों के हवाले - गजानन आश्रम की पूरी व्यवस्था कोई वेतन वाले स्टाफ नहीं बल्कि सेवादार देखते हैं। सेवादार पूरी आस्था से आने वाले भक्तों की सेवा में लगे रहते हैं। आश्रम की साफ सफाई इतनी की आप अपने घर में भी इतनी स्वच्छता नहीं रख पाते होंगे। आश्रम के काउंटर पर फर्स्ट एड और मामूली बीमारियों के लिए दवाओं की सुविधा भी निःशुल्क उपलब्ध है। साथ ही काउंटर से गजनान संस्थान का साहित्य भी खरीदा जा सकता है।

आश्रम में सेवादार बनने की होड़ - संत गजनान महाराज के प्रति महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके के लोगों में बड़ी आस्था है। महाराष्ट्र के कई जिलों से गजानन आश्रम का सेवादार बनने के लिए लोग गांव-गांव से आते हैं। कुछ महीने सेवा देने के बाद वापस घर चले जाते हैं। एक सेवादार ने बताया कि आश्रम में सेवा देने के लिए लोगों में इतनी होड़ लगी रहती है कि नाम लिखवाने के कई साल बाद आश्रम की ओर से बुलावा आता है। ज्यादा जानने के लिए आश्रम की इस साइट पर जाएं-  http://www.gajananmaharaj.org/
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------- विद्युत प्रकाश मौर्य
 (JYOTIRLINGAM, TEMPLE, SHIVA) 


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