Sunday, July 20, 2014

और हम चल पड़े देश के सफर पर... ((4))

रेल यात्रा का उद्घाटन समारोह- रेलमंत्री सीके जाफर शरीफ, पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह,  अर्जुन सिंह व एसएन सुब्बाराव। 8-10-1993 
( पहियों पर जिंदगी-3)
कई दिनों के इंतजार के बाद आखिर वह वक्त आ ही गया जब हमें सदभावना यात्रा स्पेशल ट्रेन पर सवार होकर देश भर की यात्रा के लिए निकल जाना है। आठ अक्टूबर 1993 की सुबह। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन दुल्हन की तरह सजी है। प्लेटफार्म नंबर एक पर समान्य यात्रियों का प्रवेश बिल्कुल बंद है। सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी है। प्लेटफार्म से सटे समारोह स्थल पर रेलवे के बड़े अधिकारी चहलकदमी कर रहे हैं। रेलवे स्टेडियम के बेस कैंप में कई दिनों से रह रहे सदभावना यात्री अपनी पैकिंग करके यात्रा पर चलने के लिए तैयार हो चुके हैं। हालांकि हमने पानीपत और कुरुक्षेत्र का सफर पहले ही कर लिया है लेकिन अब यात्रा की औपचारिक शुरुआत हो रही है। 
शाम चार बजे सभा स्थल पर पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह पधारे। थोडी देर बाद मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह, रेल मंत्री सी के जाफरशरीफ भी पहुंचे। मंच संचालन उत्तर रेलवे के अधिकारी कर रहे हैं। ज्ञानी जैल सिंह ने अस्वस्था के कारण कोई संदेश नहीं दिया। अर्जुन सिंह ने सुब्बराव के इस अनूठे अभियान के लिए उनकी सराहना की ओर यात्रा को शुभकामनाएं दीं। सदभावना रेल यात्रा रेल मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से चलाई जा रही है। सुब्बराव जी ने मंच से युवा गीत - करना है निर्माण हमें नवभारत का निर्माण गाया...सारे सदभावना यात्रियों ने सुर मिलाया। 
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन आनंद नारायण शुक्ल और अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में मौजूद थे। सभा समाप्त होने के साथ ही सभी यात्री अपने अपने डिब्बों में चले गए। ठीक 4.50 बजे ज्ञानी जैल सिंह  जी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से चल पड़ी। मैं भी इस ट्रेन के कावेरी कोच में सवार हूं।

आगे दिल्ली के एक छोटे से स्टेशन पर ट्रेन रुक गई। पहले से तय कार्यक्रम था सभी यात्री देश के सफर पर रवाना होने से पहले  प्रधानमंत्री से मिलने जाएंगे। परंतु सूचना मिली की प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव दिल्ली वापस नहीं आ सके हैं। इसलिए गाड़ी फिर आगे की ओर बढ़ चली। रसोई यान में उदघोषणा सिस्टम से इस बारे में यात्रियों को जानकारी दी गई। सुबह यात्रियों को जगाने के लिए देशभक्ति के गीत बजाए जाते हैं। इस विशेष ट्रेन में सफर के शुरुआत की टीम के यात्री बने युवा अति उत्साहित हैं। मानो वे कोई इतिहास रचने चल पड़े हों।  


-vidyutp@gmail.com

(SADBHAWNA RAIL YATRA, NEW DELHI, NYP, SUBBARAO)     

सदभावना रेल यात्रा का वृतांत शुरू से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। 

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