Friday, June 14, 2013

थेपला यानी गुजराती फास्ट फूड


कान्हा की नगरी द्वारका में शाकाहारी खाने के लिए तमाम विकल् मौजूद हैं। मंदिर ट्रस्ट की ओर से देवी भुवन रोड पर एक भोजनालय चलाया जाता है। ट्र्स्ट के इस भोजनालय में 20 रुपये की थाली उपलब्ध है।

ये भोजनालय सुबह शाम चलता है। यहां जमीन पर पंगत में बैठकर खाने का इंतजाम है। खाना साधारण और सात्विक है। हालांकि भोजनालय के साफ सफाई व्यवस्था बहुत अच्छी नहीं है। इसका संचालन गुगली ब्राह्मण समाज करता है। पर इसके इंतजाम में काफी सुधार की जरुरत है। खास तौर पर साफ सफाई के मामले में। आप स्वच्छता को तरजीह देते हैं तो यहां खाने न पहुंचे वही अच्छा होगा। 
द्वारकाधीश मंदिर के पास लस्सी बेचता एक गुजराती। 


द्वारका में खाने पीने के लिए तीन बत्ती चौक पर कई भोजनालय मौजूद हैं। इनमें यमुना भोजनालय प्रमुख है। यहां 70 रुपये की अनलिमिटेड थाली है। खाने का स्वाद उत्तर भारत जैसा है। यमुना भोजनालय में खाते वक्त आप अलग से आमरस का स्वाद भी ले सकते हैं। तीन बत्ती चौक पर कुछ भोजनालय में 40 रुपये की भी थाली है। वहीं पंजाब स्टाइल में अलग अलग व्यंजन परोसने वाले रेस्टोरेंट भी हैं। थोड़ा और बेहतर खाना चाहते हैं तो दामजी होटल के भोजनालय की थाली ट्राई कर सकते हैं। यहां 120 रुपये की शाकाहारी थाली है। द्वारका में मसाला डोसा और इडली का स्वाद भी वाजिब दाम पर लिया जा सकता है। तीन बत्ती चौक पर प्रसिद्ध लस्सी वाले की दुकान है। जहां महज 10 रुपये में दही की लस्सी का स्वाद लिया जा सकता है। अगर गर्मी बहुत सता रही हो तो आते जाते मटका कुल्फी का भी स्वाद ले सकते हैं। यहां ज्यादातर मटका कुल्फी बेचने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के रहने वाले हैं।

गुजराती फास्ट फूड है थेपला

गुजरात की चपाती नुमा व्यंजन थेपला का भी आप स्वाद ले सकते हैं। ये बेसन की बनी होती है। थेपला को सफर में नास्ते के लिए भी रखा जा सकता है। 15 रुपये में चार थेपला मिल जाता है। इसे मिर्च या अचार के साथ खाया जाता है। ये कई दिनों तक खराब नहीं होता। बारीक कटी व धुली हुई मेथी, गेहूं का आटा, बेसन, चावल का आटा, अदरक-हरी मिर्च-लहसुन पेस्ट, हल्दी, अजवायन आदि के मिश्रण से थेपला तैयार किया जाता है।

-    विद्युत प्रकाश मौर्य  

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