Sunday, June 16, 2013

द्वारका की सड़कों पर जग्गू तांगेवाला

द्वारका में एक बार फिर ऊंट की सवारी 
अब हमारा समय द्वारकाधीश को अलविदा कहने का हो रहा था। तीन बत्ती चौक पर लस्सी पीने के बाद हमने यमुना भोजनालाय से ट्रेन के लिए खाना पैक कराया। कई जगह रेलवे पेंट्री के घटिया खाने से हम सावधान थे। यमुना भोजनालय का एक आदमी के लिए पैक किया गया भोजन ट्रेन में दो लोगों के खाने के लिए प्रयाप्त था। 

तीन बत्ती चौक से द्वारका रेलवे स्टेशन जाने के लिए आटो रिक्शा वाले 40 रुपये मांगते हैं। हमने एक तांगे वाले से बात की। तांगे वाला भी 40 में जाने को तैयार हो गया। तांगेवाले का नाम जग्गू है। रास्ते में जग्गू तांगे वाले ने हमें द्वारका के बारे में बहुत सी जानकारियां दी। जग्गू बताते हैं कि इस समय द्वारका में सिर्फ चार तांगे ही चलते हैं। वे पिछले 25 सालों से यहां तांगा चला रहे हैं। द्वारका रेलवे स्टेशन शहर से थोड़ा बाहर है। 

द्वारका से सोमनाथ के लिए 19252 सोमनाथ एक्सप्रेस रात 8.40 बजे नई ट्रेन चली है। ये सुबह-सुबह पांच बजे ही सोमनाथ पहुंचा देती है। हमने इसमें पहले से ही आरक्षण करा रखा था। जग्गू तांगेवाले ने बताया कि इस ट्रेन के चल जाने से निजी टूरिस्ट बसों का कारोबार मंदा पड गया है। हालांकि ट्रेन राजकोट, जूनागढ़ होकर यानी लंबे रास्ते से सोमनाथ जाती है। लेकिन सैलानियों का सफर ट्रेन में सोते हुए गुजर जाता है। इसलिए सफर का पता नहीं चलता।

ट्रेन में जाने वालों में हमें बहुत से वही परिवार मिले जो दो दिन से हमें द्वारका में अलग अलग जगहों पर मिल रहे थे। ट्रेन नीयत समय पर लगी। हमलोग खा पीकर ट्रेन में सो गए। वातानूकूलित क्लास में रात में आने वाले स्टेशनों का भी पता नहीं चलता। जब हमारी सुबह नींद खुली तो वेरावल स्टेशन आ चुका था। वास्तव में वेरावल ही सोमनाथ का पुराना स्टेशन था। पर अब इससे छह किलोमीटर आगे सोमनाथ नामक नया रेलवे स्टेशन बन गया था। हमारी ट्रेन थोड़ी देर बाद सोमनाथ पहुंच गई। यह आखिरी रेलवे स्टेशन है। कुछ ही ट्रेनें यहां तक आती हैं। स्टेशन का भवन नया बना हुआ है।
सोमनाथ रेलवे स्टेशन पर। 
ट्रेन के ज्यादातर यात्री मीठी नींद में सो रहे थे। जब हम ट्रेन से बाहर निकले तो अभी सूरज भगवान भी उगने की तैयारी कर रहे थे। 
स्टेशन से बाहर निकलकर हमने सोमनाथ मंदिर के बगल में स्थित अपने होटल अवध तक जाने के लिए आटो रिक्शा लिया। स्टेशन से मंदिर दो किलोमीटर है। आटोवाले रिजर्व 40 रुपये में जाते हैं या फिर 10 रुपये प्रति सवारी। ये सोमवार की सुबह थी। हम सबने कहा, जय सोमनाथ।
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( (GUJRAT, DWARKA, SOMNATH EXP. , RAIL ) 


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