Wednesday, June 19, 2013

भालुका तीर्थ - यहां श्री कृष्ण ने त्यागे थे प्राण


आमतौर पर लोग सोमनाथ को सिर्फ शिव के प्रसिद्ध मंदिर के तौर पर ही जानते हैं। पर आप सोमनाथ मंदिर के अलावा कई और तीर्थ स्थलों के दर्शन कर सकते हैं। इसके लिए आपको आधे दिन का समय कम से कम अलग से निकालना चाहिए।  सोमनाथ तीर्थ क्षेत्र भगवान शिव के साथ ही भगवान श्री कृष्ण के जीवन से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। भागवत पुराण में श्रीकृष्ण के देवलोक गमन की कथा आती है। कृष्ण के पांव में जरा नामक व्याध का तीर लगा था।

सोमनाथ मंदिर से छह किलोमीटर दूर वेरावल मार्ग पर भालुका तीर्थ नामक स्थान है। किसी जमाने मे यहां सघन वन हुआ करता था। कहा जाता है कि यह वही जगह है जहां वन में विश्राम करते समय कृष्ण को जरा नामक व्याध का तीर लगा था। हालांकि व्याध ने श्रीकृष्ण को वह तीर गलती से मार दिया था जब वे विश्राम कर रहे थे। निकट पहुंचने पर व्याध ने उनसे क्षमा भी मांगी थी, पर प्रभु को तो अपनी लीला के बारे में मालूम था। वे इस लोक से प्रस्थान करने के लिए तैयार थे। 
कहा जाता है त्रेता युग में राम ने बालि को धोखे से तीर मारा था। प्रभु ने कहा था मैं भी तुम्हें मौका दूंगा। द्वापर युग में बालि बहेलिये के रुप में था। यहां पर भगवान  श्रीकृष्ण की लेटी हुई विशाल प्रतिमा है। इसके बगल में प्रेम भिक्षु जी महाराज द्वारा स्थापित अखंड रामनाम कीर्तन मंदिर है। यहां पर द्वारका की तरह अखंड रामधुन चलती रहती है। इस मंदिर के बगल में प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय का म्यूजियम भी है। यह संग्रहालय बाहर से  विशाल शिवलिंग के आकार का दिखाई देता है। पर इसके अंदर कलात्मक तरीके से भवन का निर्माण किया गया है। 

वाणगंगा में आपरूपि शिवलिंग के दर्शन   


सोमनाथ मंदिर से कुछ किलोमीटर आगे समंदर के किनारे वाणगंगा नामक स्थान है। जहां समंदर की जलधारा के बीच दो शिव लिंग अपने आप प्रकट हो गए हैं। हमें शक हुआ कि हो सकता है किसी ने इन शिवलिंग को यहां जलराशि के बीच लाकर स्थापित कर दिया हो। पर हमारे आटो वाले गाइड मोहम्मद लतीफ ने बताया कि नहीं भाई साहब ऐसा नहीं है। कम से कम मैं  40 सालों से इसी तरह इन शिव लिंगों को देख रहा हूं। इससे पहले मेरे पुरखे भी इसे इसी तरह देखते आए हैं। मैं लतीफ भाई की आस्था के आगे नतमस्तक था। 


सोमनाथ दर्शन - सोमानाथ तीर्थ न सिर्फ हिंदू धर्म में बल्कि जैन मतालंबियों के लिए भी पवित्र तीर्थ है। हमारे आटो वाले गाइड मोहम्मद लतीफ ने पूरी आस्था से सोमनाथ शहर घुमाया और उसके पवित्र स्थलों के बारे में बताया। उनका हिंदू धर्म के बारे में ज्ञान देखकर हम मुग्ध थे। सोमनाथ शहर में बड़ी संख्या में मुस्लिम परिवार हैं जिनकी रोजी रोटी बाबा सोमनाथ के सहारे चलती है।
   - विद्युत प्रकाश मौर्य
(( SOMNATH, GUJRAT, KRISHNA )     


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