Monday, February 18, 2013

ऊर्जा का बड़ा स्रोत - रागी यानी फिंगर मिलेट


रागी की इडली, स्वाद भी और सेहत भी। 
रागी यानी ज्वार अति पौष्टिक खाद्य पदार्थ है। कैल्शियम, लोहा और प्रोटीन से भरपूर रागी से आटा बनता है। यह साबूत अनाज होता है, जिससे अधिक तृप्ति (फाइबर से) भी मिलती है।  यह ब्रेड का एक बेहतर विकल्प है। रागी और जौ का आटा अपने विशेष रफेज़ /फाइबर /खाद्य रेशों के कारण खून में घुली चर्बी भी कम करता है। फिंगर मिलेट यानी रागी मिले आटे की रोटी खाने से डायबीटीज ( चीनी की बीमारी) भी कंट्रोल हो सकती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्लड शुगर का लेवल नियंत्रित रखने में रागी बहुत सहायक है।

रागी इडली - रागी और चावल को सही मात्रा में मिलाकर पेस्ट तैयार किया जाता है जिससे इडली, डोसा जैसे दक्षिण भारतीय व्यंजन बनाए जा सकते हैं। आजकल बाजार में रागी इडली और रागी डोसा का मिक्स भी उपलब्ध है। इससे कम श्रम में रागी इडली बनाई जा सकती है। रागी इडली वजन घटाने के लिए भी मुफीद है। ( एमटीआर का रागी इडली मिक्स बाजार में उपलब्ध है) 

रागी से इडली, मोटी डबल रोटी, डोसा और रोटी बनाई जाती है। इस से रागी मुद्दी ( लड्डू) भी बनती है।  इसे बनाने के लिए रागी आटे को पानी में उबाला जाता है। 
आपको पता है रागी के दानों से ही बनता है कुट्टू का आटा जिसे लोग नवरात्र में खाते हैं। जानकारों की मानें तो कुट्टू का आटा बनने के एक माह बाद तक ही खाने लायक रहता है। इससे पुराना होने पर वह खाने के अनुकूल नहीं रहता। यानी वह जहरीला हो जाता है। वैसे कुट्टू रागी यानी फिंगर मिलेट से भी बनता है और सिंघाडा से भी बनता है।

ऐसा भी करें -  गेहूं के आटे के साथ सोयाबीन, रागी या जई का आटा मिलाकर मूली, पालक, मेथी, गाजर आदि सब्जियां भरकर रोटियां बनाएं। परांठे खाने का मन हो तो बिल्कुल हल्का घी लगाएं लेकिन बेहतर रोटी खाना ही है। इससे देर तक एनर्जी मिलती है। 

रागी का आटा, जौ का आटा, बाजरे का आटा, फाइबर युक्त होते हैं। इनसे आप गेहूं के नमकीन और तीखे मठरी, शक्करपाली, चकली, कचौरियां आदि बनाएं जिनमें आप आटे के साथ बाजरा, रागी, सोयाबीन का आटा भी  मिला सकते हैं।
यहां होता है उत्पादन -  पोषक तत्वों से युक्त ज्वार (रागी) का उत्पादन झारखंड, तमिलनाड़ुउड़ीसाआंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में होता है। हालांकि कर्नाटक और आन्ध्र प्रदेश में रागी का सबसे अधिक उपभोग होता है। 

-प्रस्तुति – विद्युत प्रकाश 

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