Wednesday, December 26, 2012

सपनों की दुनिया यानी वृंदावन गार्डन


मैसूर से थोड़ी दूर कृष्णराज सागर डैम एवं उससे लगा वृंदावन गार्डन देश के अत्यंत मोहक स्थलों में शुमार है। इस गार्डन की साज-सज्जा, इसके संगीतमय फव्वारे के कारण यह सैलानियों की पसंदीदा स्थलों में एक है।


केआरएस डैम - कृष्णाराज सागर डैम यानी केआरएस बांध 1932 में बना था। यह बांध मैसूर से 12 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इसका डिजाइन देश के महान इंजीनियर एम.विश्वेश्वरैया ने बनाया था। इसका निर्माण कृष्णराज वाडेयार चतुर्थ के शासन काल में हुआ था। इस बांध की लंबाई 8600 फीट, ऊंचाई 130 फीट और क्षेत्रफल 130 वर्ग किलोमीटर है। यह बांध आजादी से पहले की सिविल इंजीनियरिंग का अदभूत नमूना है। यहां एक छोटा सा तालाब भी हैं जहां बोटिंग के जरिए बांध उत्तरी और दक्षिणी किनारों के बीच की दूरी तय की जा सकती है। बांध के उत्तरी कोने पर संगीतमय फव्वारे हैं।
संगीतमय  फव्वारा - वृंदावन गार्डन नाम के मनोहारी बगीचा बांध के ठीक नीचे बनाया गया है। हर रोज शाम को वृंदावन गार्डन में हजारों सैलानियों की भीड़ जुटती है। वृंदावन गार्डन को कश्मीर के शालीमार बाग की नकल में बनाया गया था। 2005 में इस गार्डन को नया रुप दिया गया। वृंदावन गार्डन का मुख्य आकर्षण है संगीतमय फव्वारा। ये फव्वारा जब शाम को शुरू होता है तो वंदे मातरम की धुन पर लहरे नाचती हैं। उसके बाद कई और फिल्मी गाने- रंबा हो हो...जैसी। संगीत की धुनों पर जल राशि का नृत्य मनमोह लेता है। फव्वारा बंद होता सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा की धुन पर।
बॉलीवुड की पसंद - सैकड़ों फिल्म निर्माताओं ने वृंदावन गार्डन में फिल्मों की शूटिंग की है। पुरानी फिल्म दिल ही तो है का गीत तुम्हारी मस्त नजर....। पड़ोसन का गीत एक चतुर नार करके श्रंगार। सड़क का गीत – तुम्हे अपना बनाने की कसम खाई है...फिल्म राजा हिंदुस्तानी – कितना प्यारा तुझे रब ने बनाया...फिल्म तेजाब का गीत- कह दो की तुम मेरी हो वरना...फिल्म मेहबूबा का गीत- मेरे नैना सावन भादो....जैसे तमाम गीत हैं जो वृंदावन गार्डन में फिल्माए गए।
-  -----  विद्युत प्रकाश 

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