Sunday, December 16, 2012

फूल खिले हैं गुलशन गुलशन – ऊटी बोटानिकल गार्डन

ऊटी का मनभावन बोटानिकल गार्डन। 1848 में स्थापित यह उद्यान देश के सर्वाधिक प्राचीन उद्यानों में से एक है। ऊटी घूमने आने वालों की पसंदीदा जगह। पहुंच के लिहाज से देखें तो यह ऊटी के हृदय स्थल में स्थित है। दिन भर यह उद्यान सैलानियों से गुलजार रहता है। 

ऊटी के चेरिंग क्रास से गार्डन की दूरी तकरीबन एक किलोमीटर है। हमारा होटल विनायगा इन तो इसी सड़क पर ही था। इसलिए हमलोग टहलते हुए गार्डन तक पहुंच गए। प्रवेश टिकट लेने के बाद अंदर घंटो कुदरत की रंगीन छटाओं के बीच विचरण करते रहे। शाम को गार्डन के अंदर बाहर अच्छी खासी भीड़ थी।

ऊटी के वनस्पति उद्यानकी ररखाव अब तमिलनाडु सरकार का उद्यान विभाग करता है। उद्यान कुल 55 एकड़ क्षेत्रफल में विस्तारित है। सालों भर हरा भरा रहने वाले उद्यान में औसतन 140 सेंटीमीटर तक बारिश होती है। नवंबर से फरवरी महीने तक तो यहां भारी सरदी का आलम होता है। हमलोग अक्तूबर महीने में पहुंचे हैं तो हल्की बारिश के बीच अच्छी ठंड लग रही है। पर इन फूलों के बीच ठंड काफूर है, प्रकृति के नजारों का भरपूर आनंद लेने का जी चाहता है।

इस उद्यान की परिकल्पना 1840 के आसपास ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा की गई। विलियम ग्राहम मैक्लवोर द्वारा इस उद्यान की नींव 1848 में रखी गई। यह वनस्पति उद्यान 2250 से 2500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। उद्यान का आकार ढलान भरा है। उद्यान में कल छह हिस्से हैं। फर्न हाउस में आप 127 तरह के फर्न देख सकते हैं। बाकी हिस्सों के नाम न्यू गार्डन, इटालियन गार्डन, नर्सरी आदि है। 1896 में यहां पहली बार फ्लावर शो का आयोजन किया गया। इसके बाद से हर साल फ्लावर शो का आयोजन होता है। इस दौरान बड़ी संख्या में सैलानी ऊटी में डेरा डालते हैं।


ऊटी के बोटानिकल गार्डन का खास आकर्षण है। फूलों के कारपेट बेड से बना भारत का नक्सा। देश के इस नक्शे के आगे काफी लोग तस्वीरें खिंचवाते हैं। इसी गार्डन के ऊपरी हिस्से में आप टोडा मुंड देख सकते हैं। यह वास्तव में तमिलनाडु के टोडा आदिवासियों के बारे में जानकारी देती हुई झांकी है। ऊटी के इस वनस्पति उद्यान के बगल में राजभवन है। राज भवन यानी तमिलनाडु के राज्यपाल का गर्मियों का निवास स्थान। ठीक उसी तरह जैसे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का निवास दार्जिलिंग में है। उद्यान के एक तरफ ऊटी का मशहूर हेब्रान स्कूल स्थित है।

ऊटी के वनस्पति उद्यान के परिसर में आप गेट के पास हेरिटेज बिल्डिंग देख सकते हैं। इस भवन का निर्माण 1859 में किया गया था। इसे गेट बिल्डिंग के नाम से जानते हैं। 1912 के बाद इस भवन का इस्तेमाल गार्डन से पौधों की बिक्री के लिए किया जाता था। बाद 1995 में फ्लावर फेस्टिवल के सौ साल होने के मौके पर इस भवन को संरक्षित किया गया है।


उद्यान खुलने का समय – 

ऊटी का बोटानिकल गार्डन सुबह 7.30 बजे से शाम 6.30 बजे तक खुला रहता है। प्रवेश के लिए टिकट है, बड़ों के लिए 30 रुपये बच्चे 15 रुपये कैमरा का 50 रुपया और वीडियो कैमरा का 100 रुपया। तो कैमरा लेकर अंदर जाइए और दिलकश नजारों को जमकर कैद किजिए कैमरे मे और सफर का बनाएं यादगार।  

-vidyutp@gmail.com

( OOTY, TAMILNADU, BOTANICAL GARDEN, FLOWER SHOW ) 

फायर ..... ऊटी के बोटानिकल गार्डन में तोप के साथ अनादि। 

  



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