Monday, December 31, 2012

हरे भरे लालबाग की सैर


फूलों की घड़ी, बिल्कुल सही समय बताती है। 
बेंगलुरू को बागों का शहर कहा जाता है। इन बागों में सबसे मशहूर है लालबाग। लालबाग बेंगलुरू के ह्दयस्थली है। शहर के बीचों बीच स्थित ये बाग ऐतिहासिक है। शहर में आने वालों और शहर में रहने वालों की खास पसंद। लालबाग फिलहाल 240 एकड़ के दायरे में फैला है। बगीचे में प्रवेश के लिए तीन द्वार हैं। इन्हें इस्ट गेट, साउथ गेट और वेस्ट गेट के नाम से जानते हैं। बाग में प्रवेश का टिकट 20 रुपये प्रति व्यक्ति है। लालबाग सालों भर सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक खुला रहता है। न सिर्फ टाइम पास करने और ज्ञान बढ़ाने बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी लालबाग खास जगह है।

फूलों की घड़ी - लालबाग की सबसे बड़ी खासियत यहां चलने वाली फ्लोरल क्लॉक यानी फूलों की घड़ी है। घड़ियां बनाने वाली प्रसिद्ध कंपनी एचएमटी की ओर से लगाई गई ये फूलों की घड़ी बिल्कुल सही समय बताती है। बड़ी सी इस घड़ी की सेकेंड की सूई तो तेजी से घूमते हुए देखा जा सकता है। घड़ी के परिधि में किस्म किस्म के फूल लगाए गए हैं। कदाचित इस घड़ी की मशीन अब बड़ी बैटरी से चलती है। पहले ये घड़ी मेकेनिकल थी।



लाल बाग का हैदर अली ने सजाया - लाल बाग का निर्माण 1760 में हैदर अली ने कराया था। तब इसका दायरा 240 एकड़ था। इसे मुगल स्टाइल में विकसित किया गया है। लाल बाग के एक कोने में ऐतिहासिक अशोक स्तंभ भी है। बाद में लालबाग के संरक्षण और विकास में कई अंग्रेज शासकों ने खासी रुचि ली।


इस ऐतिहासिक लालबाग में आप देख सकते हैं सबसे लंबा पेड़, सबसे पुराना पेड़। ये दोनों पेड़ ग्लास हाउस के सामने हैं। बाग में घूमते हुए आप अलग अलग तरह के पेड़ पौधों से अपना परिचय बढ़ा सकते हैं। घूमते घूमते थक जाएं तो बाग से निकाले गए फलों के जूस का आनंद ले सकते हैं। बाग में ग्लास हाउस है जिसमें अब समय समय पर प्रदर्शनियां लगती हैं। कभी ये ग्लास हाउस खास तरह के पौधे लगाने के लिए बना था।बाग के बीच में 30 एकड़ में एक झील है जिसमें जलीय पक्षी कलरव करते दिखाई दे जाते हैं।
आप घंटों इन पक्षियों के कलरव का आनंद ले सकते हैं। लालबाग की देखभाल अब कर्नाटक सरकार हार्टिकल्चर विभाग करता है। यहां समय समय पर बागवानी प्रशिक्षण की कार्यशालाएं भी लगाई जाती हैं।  
-    विद्युत प्रकाश मौर्य
लाल बाग बोटानिकल गार्डन में फूल खिले हैं गुलशन गुलशन। 


लालबाग में सुंदर फव्वारा। 

(BANGLURU, LALBAG, HAIDER ALI )      


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