Monday, December 10, 2012

रामेश्वरम से कोयंबटूर स्पेशल ट्रेन से

देश के चार धाम में से एक रामेश्वरम में मंदिर दर्शन और आसपास अच्छी तरह घूम लेने के बाद हमारा अगला पड़ाव था ऊटी। जहां जाने का सपना सालों से हम मन में संजोए थे। संयोग से रामेश्वरम से शाम को खुलने वाली एक स्पेशल ट्रेन में हमें आरक्षण मिल चुका था। इस ट्रेन से एसी-3 में हमारे बर्थ आरक्षित थे सो हम निश्चिंत थे । यह स्पेशल ट्रेन आज अपना आखिरी सफर कर रही थी। ऐसा लगा शायद ये स्पेशल ट्रेन हमारे लिए ही चल रही थी। शाम को रामेश्वरम में रेलवे स्टेशन पर आने के बाद ट्रेन में अपने बर्थ पर सो गए हमलोग। सुबह हुई तो हमारी ट्रेन कोयंबटूर जंक्शन पहुंच चुकी थी। यहां से मेटुपालियम जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 9.30 बजे सुबह खुलने वाली थी। हमारे पास चाय नास्ते के लिए प्रयाप्त समय था।


इस बीच मैं बाहर जाकर थोड़ा सा कोयंबटूर स्टेशन के बाहर का नजारा लेकर  भी आ गया। यहां पर हिंदी अखबार राजस्थान पत्रिका का बेंगलुरू संस्करण में न्यूज पेपर स्टैंड पर मिल रहा था। हमने एक अखबार खरीदा। कोयंबटूर बड़ा रेलवे स्टेशन है तमिलनाडु का। यह बड़ा व्यापारिक शहर भी है। कोयंबटूर रेलवे स्टेशन काफी साफ सुथरा है। एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए अंडर पास बने हुए हैं। हर प्लेटफार्म पर खाने पीने के लिए अच्छी कैंटीन हैं, जहां पर रियायती दरों में खाने पीने की चीजें उपलब्ध हैं। खासतौर पर दक्षिण भारतीय भोजन, इडली सांभर, बड़ा, मसाला डोसा आदि रियायती दरों पर उपलब्ध हैं। हमने स्टेशन पर ही सुबह का नास्ता लिया। बाहर टिकट काउंटर पर जाकर मेटुपालियम के लिए टिकटें खरीदीं। ये पैसेंजर ट्रेन है नंबर है 56146 जो अपने समय पर यानी 9.30 बजे चली। साफ सुथरी ट्रेन में भीड़ भाड़ बिल्कुल नहीं है। ट्रेन के दोनों तरफ खूब हरियाली नजर आ रही है। नारियल के पेड़ों के साथ ट्रेन सरपट भागी जा रही है किसी एक्सप्रेस ट्रेन की तरह। सुबह में नीलगिरी एक्सप्रेस के बाद दिन भर में कुल चार ट्रेनें चलती हैं कोयंबटूर और मेटुपालियम के बीच। 


कुल 36 किलोमीटर के सफर में कुल पांच रेलवे स्टेशन आते हैं। कोयंबटूर रेलवे स्टेशन का कोड CBE है जबकि मेटुपालियम का MTP है। पैसेंजर ट्रेन का सफर आनंददायक रहा। मेटुपालियम पहाड़ी पर नहीं है, पर पहाड़ की तलहटी पर है। यहां का मौसम भी मनोरम रहता है। अक्तूबर महीने में हल्की हल्की बारिश हो रही है इसलिए वातावरण और भी अच्छा हो गया है। अब हमने मेटुपालियम स्टेशन को अच्छी तरह देखना और समझना शुरू किया। खास तौर नीलगिरी माउंटेन रेल के कोच, लोकोमोटिव और पटरियों को देखना शुरू किया।   
  
- vidyutp@gmail.com
( RAMESHWARAM, COIMBATORE, TAMILNADU, RAIL,  METTUPALAIYAM) 

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