Saturday, December 22, 2012

मैसूर का चामुंडेश्वरी देवी का मंदिर

चामुंडी पहाड़ी मैसूर के ऐतिहासिक पर्यटक आकर्षणों में से एक है। इस पहाड़ी पर स्थित है मां चामुंडेश्वरी का मंदिर। मां को मैसूर के राजा का दर्जा प्राप्त है।  मैसूर से 13 किलोमीटर दूर चामुंडा पहाड़ी पर मां चामुंडा का मंदिर है। ये मंदिर 700 साल से ज्यादा पुराना है। पहाड़ की चोटी से मैसूर का मनोरम दृश्य दिखाई पड़ता है। मंदिर के पास ही महिषासुर की विशाल प्रतिमा रखी हुई है। पहाड़ी के रास्ते में काले ग्रेनाइट के पत्थर से बने नंदी बैल के भी दर्शन होते हैं।

मैसूर का चामुंडेश्वरी मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है। यह मंदिर देवी दुर्गा की राक्षस महिषासुर पर विजय का प्रतीक है। हालांकि चामुंडा का मतलब होता है चंडमुंड का संहार करने वाली देवी। इस मंदिर का निर्माण 12वीं शताब्दी में किया गया था।

 यह मंदिर द्रविड़ वास्तुकला का एक अच्छा नमूना है। मंदिर मुख्य गर्भगृह में स्थापित देवी की प्रतिमा शुद्ध सोने की बनी हुई है। मंदिर की इमारत सात मंजिला है जिसकी कुल ऊंचाई 40 मीटर है। मुख्य मंदिर के पीछे महाबलेश्वर को समर्पित एक छोटा सा शिव मंदिर भी है जो 1000 साल से भी ज्यादा पुराना है। पहाड़ की चोटी से मैसूर का मनोरम दृश्य दिखाई पड़ता है।

कहा जाता है मैसूर शहर के लोगों पर मां चामुंडा की खास कृपा है। उनके आशीर्वाद से ही मैसूर शहर हर सदी में तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। मैसूर के दशहरे के मौके पर निकाली जाने वाली झांकी में मां चामुंडा की प्रतिकृति को ही राजा की जगह पालकी पर आसीन किया जाता है।

महिषासुर की विशाल प्रतिमा - मंदिर के पास ही महिषासुर की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है। लोग बताते हैं कि इस प्रतिमा को ज्यादा देर तक नहीं देखना चाहिए नहीं तो महिषासुर पीछा करने लगते हैं।

चामुंडा मंदिर में पूजा का समययहां आप सुबह 7.30-दोपहर 2 बजे तक और फिर  दोपहर 3.30-शाम 6 बजे तक पूजा कर सकते हैं। फिर शाम 7.30-रात 9 बजे तक मंदिर के द्वार खुले रहते हैं। अगर आप मंदिर में दर्शन करना चाहते हैं तो दो से तीन घंटे का समय लेकर पहुंचे। टूरिस्ट बस से आने वाले लोगों को समय कम रहने के कारण दर्शन नहीं मिल पाता है।


विशेष दर्शन भी -  दक्षिण के अन्य मंदिरों की तरह ही चामुंडेश्वरी मंदिर में समान्य दर्शन के अलावा विशेष दर्शन का भी कूपन उपलब्ध रहता है। चामुंडा देवी के दर्शन के लिए रोज देश भर से हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वैसे नवरात्र के समय मंदिर में ज्यादा भीड़ होती है। चामुंडा पहाड़ी पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला में आवास की सुविधा उपलब्ध है। यहां अन्न क्षेत्र का भी संचालन होता है जहां आप भोजन ग्रहण कर सकते हैं।

कैसे पहुंचे – मैसूर शहर के मुख्य बस स्टैंड से चामुंडा पहाड़ी के लिए दिन भर बस सेवा उपलब्ध रहती है। यहां से वातानुकूलित वोल्वो बसें भी श्रद्धालुओं के लिए चलाई जाती हैं।   

(KARNATKA, CHAMUNDA TEMPLE, MYSORE ) 

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