Friday, December 21, 2012

दक्षिण का सदाबहार शहर मैसूर

मैसूर दक्षिण भारत का सदाबहार शहर है। प्रचीनता और आधुनिकता का संगम। इसे कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है। इस शहर की गिनती देश के सबसे साफ सुथरे शहरों में होती है। कई बार स्वच्छता के मानकों पर यह अव्वल नंबर पर आ चुका है। दक्षिण भारत घूमने वाले सैलानियों में ज्यादातर लोगों को मैसूर पूरे दक्षिण के दौरे में सबसे ज्यादा पसंद आता है। मैसूर मैं पहली बार 1992 में पहुंचा था। तब स्पिरिचुअल यूथ कैंप के दोस्तों के साथ था। इस बार पहुंचा  अक्तूबर 2012 में माधवी और वंश के साथ। इस बार हमलोग मैसूर में तीन दिन रूके। पूरा मैसूर देखना जो था। और खास तौर पर मैसूर का दशहरा। ऐतिहासिक शहर मैसूर सालों पर त्योहार मनाता नजर आता है।  

मैसूर का इतिहास में भारत पर सिकंदर के आक्रमण (327 ईपू ) के बाद से मिलने लगता है। 18वीं शती में मैसूर पर हैदर अली की पताका फहराई। 1782 में उसकी मृत्यु के बाद 1799 तक उसका पुत्र टीपू सुल्तान शासक रहा। इन दोनों ने अंग्रेजों से अनेक लड़ाईयाँ लड़ी। श्रीरंगपट्टम् के युद्ध में टीपू सुल्तान की मृत्यु हो गई। इसके बाद मैसूर पर वाडियार वंश के राजाओं ने राज किया।
मैसूर शहर के बीचों बीच वाडियार परिवार द्वारा बनवाया गया विशाल मैसूर महल है। इस महल के आसपास जगन मोहन पैलेस, जयलक्ष्मी विलास एवं ललित महल जैसे किले हैं। इसके अलावा आप यहां चिड़ियाघर देख सकते हैं।

इंद्र भवन, धन्वंतरि रोड, खानेपीने की किफायती जगह

क्या खरीदें -  मैसूर कर्नाटक में पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। क्योंकि शहर और आसपास देखने लायक बहुत कुछ है। अपने तमाम आकर्षण के कारण ही मैसूर को सैलानियों का स्वर्ग कहते हैं। मैसूर में सूती एवं रेशमी कपड़े, चंदन का साबुन, बटन, बेंत एवं अन्य कलात्मक वस्तुएं भी तैयार की जाती हैं। मैसूर शिक्षा का भी बड़ा केंद्र है। अगर आप मैसूर से जा रहे हैं तो चंदन के बने सामान खरीद सकते हैं।
कैसे घूमें - आप मैसूर पहुंच गए हैं तो यहां घूमने के लिए सबसे अच्छा तरीका टूरिस्ट बस बुकिंग करके घूमना है। इसमें वे आपको मैसूर शहर, चामुंडा हिल्स, फिलमोनिया चर्च, चिड़ियाघर के अलावा वृंदावन गार्डेन और श्रीरंगपट्टनम भी लेकर जाते हैं। आप निजी टैक्सी करके भी घूम सकते हैं। वह थोड़ा महंगा पड़ेगा। मैसूर कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू से 139 किलोमीटर की दूरी पर है। यह रेलवे का बड़ा केंद्र है। शहर का रेलवे स्टेशन भी काफी साफ सुथरा है। 

कहां ठहरें - होटल बांबे टिफिन्स ( शहर के मध्य में ), धन्वतरि रोड पर इंदिरा भवन, गायत्री भवन। हम लोग एक दिन बांबे टिफिन्स में और दो दिन गायत्री भवन में ठहरे। बांबे टिफिन्स आनलाइन बुक किया था पर होटल के रिसेप्शन पर व्यवहार अच्छा नहीं था इसलिए हमने यहां रहना विस्तारित नहीं किया। गायत्री भवन रेलवे स्टेशन के करीब भी है और आसपास में खाने पीने के लिए अच्छे विकल्प भी हैं। ( Hotel Gayathri, New Gayathri Building, Opp: Rlys. Stn. Dhanavantri Road, MYSORE. 0821-2425654, 9901256961 ) 
-   ----- विद्युत प्रकाश मौर्य 
( (MYSORE, KARNATKA, CHAMUNDA HILLS ) 

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