Thursday, November 15, 2012

कन्याकुमारी का गांधी मंडप

बापू के निधन के बाद उनकी अस्थियों को देश भर में प्रवाहित किया गया था। अलग अलग जगहों पर उनमें से कन्याकुमारी भी एक है। यहां कुमारी अम्मान मंदिर के बगल में बना है गांधी मंडप जो आधुनिक युग का मंदिर है। यहां आना एक और तीर्थ में आने जैसा है। यहां आप बापू का अस्थि कलश करीब से देख सकते हैं। मंदिर तीन मंजिला है। मंदिर के सबसे उपर वाले तल पर जाने के बाद समंदर और कन्याकुमारी शहर दोनों का नजारा अद्भुत दिखाई देता है। गुलाबी रंग का गांधी मंडप दूर से ही किसी मंदिर की तरह नजर आता है।
 यहां आप बापू को नमन के बाद मंदिर के चौबारे पर देर तक बैठ सकते हैं और अपने पूरे देश को याद कर सकते हैं कश्मीर से कन्याकुमारी तक।

गांधी मंडप की एक और खास बात है। यहां से कन्याकुमारी की सुबह और कन्याकुमारी की शाम देखी जा सकती है। आपने कन्याकुमारी के सूर्योदय और सूर्यास्त के बारे में सुन रखा होगा। सुबह और शाम को बहुत बड़ी भीड़ जुटती है, इस नजारे को अपने यादों के झरोखे में और कैमरे में कैद करने के लिए। हमारी यात्रा के समय बारिश हो रही थी इसलिए हम इस नजारे को नहीं देख सके।

और ये रहे बापू के तीन बंदर। 
गांधी मंडप से लगा हुआ बच्चों का खूबसूरत पार्क भी है। इस पार्क में अलग अलग स्टाइल के बच्चों के लिए बैठने की कुर्सियां लगी हैं। गांधी मंडप की छत से समंदर और कन्याकुमारी शहर का सुंदर नजारा दिखाई देता है। यहां से थोड़ी दूरी पर एक लाइट हाउस भी है जहां से समंदर को निहारा जा सकता है।

समंदर के तट के किनारे कई अच्छे होटल भी हैं जहां से आप सुबह और शाम उगते और डूबते हुए सूर्य को देख सकते हैं। साथ ही सागर के लहरों की अठखेलियों का भी आनंद उठा सकते हैं।

- vidyutp@gmail.com
( GANDHI IN KANYAKUMARI, TAMILNADU, TEMPLE ) 

No comments:

Post a Comment