Tuesday, November 27, 2012

तमिलनाडु की सांस्कृतिक राजधानी - मदुरै

तमिलनाडु का सबसे बड़ा शहर तो इसकी राजधानी चेन्नई है। लेकिन राज्य में कोयंबटूर, मदुरै, त्रिचनापल्ली दूसरे बड़े शहर हैं। इनमें मदुरै शहर भौगोलिक दृष्टि से तमिलनाडु के ठीक बीचों बीच स्थित है। ये तमिलनाडु का सांस्कृतिक राजधानी जैसा है। अगर आप तमिलाडु घूमने निकले हैं मदुरै को केंद्र बनाकर पूरे तमिलनाडु का भ्रमण कर सकते हैं।
मदुरै से कन्याकुमारी, रामेश्वरम और कोयंबटूर लगभग बराबर दूरी पर हैं। वैगेई नदी मदुरै शहर के बीचों बीच बहती है। हालांकि अक्सर इसमें पानी नहीं दिखाई देता। मदुरै शहर की आबादी दस लाख के पार कर चुकी है। यहां मद्रास हाई कोर्ट की बेंच भी स्थापित है। शहर तमिनाडु की राजनीति का बड़ा केंद्र है। करुणानिधि के बड़े बेटे एमके अलागिरी यहां से राजनीति करते हैं। वे यहां से सांसद और केंद्र में मंत्री रह चुके हैं।


मदुरै शहर का समृद्ध इतिहास रहा है। दो हजार साल पहले शहर के कारोबारी रिश्ते विदेश के भी कई शहरों से थे। मदुरै में दक्षिण भारत के सम्मानित आटोमोबाइल समूह टीवीएस का हेडक्वार्टर भी है। मदुरै रेलवे स्टेशन के ठीक सामने टीवीएस की बड़ी सी बिल्डिंग है। 


मदुरै का रेलवे स्टेशन 
दक्षिण भारत का मथुरा - मदुरै को दक्षिण भारत का मथुरा भी कहा जाता है। नाम सुनकर आपको ऐसा नहीं लगता कि यह मथुरा का का ही अपभ्रंश है। मदुरै शहर में सिटी बसें चलती हैं। इन बसों में हालांकि कम से कम किराया सात रुपये है।

क्या देखें - मदुरै में मीनाक्षी मंदिर, गांधी म्यूजियम के अलावा तिरुमल नायक पैलेस देखा जा सकता है। ये किला कभी मदुरै पर राज करने वाले राजाओं का है। यहां हिल स्टेशन कोडाईकनाल जाने का भी सुगम रास्ता है। मदुरै में एयरपोर्ट भी है। यहां से देश के प्रमुख शहरों के लिए विमान सेवा भी उपलब्ध है।

कहां ठहरें - मदुरै रेलवे स्टेशन के सामने ही रहने के लिए कई अच्छे मिड्ल बजट वाले होटल हैं। शहर पारंपरिक खाने पीने के लिए आपको कई विकल्प उपलब्ध कराता है। शापिंग के लिए भी मदुरै आदर्श जगह है। यहां से आप दक्षिण भारत के तमाम शहरों में बनने वाले काटन होजरी के उत्पाद रियायती कीमतों पर खरीद सकते हैं। खासतौर पर त्रिपूर के बने उत्पाद मदुरै में खरीदे जा सकते हैं। रेलवे स्टेशन और मीनाक्षी मंदिर के आसपास मदुरै शहर का बाजार है।

-    --विद्युत प्रकाश मौर्य ( MADURAI, MINAXI TEMPLE ) 
मदुरै के मीनाक्षी मंदिर में संगीत नृत्य की संध्या। 

(

No comments:

Post a Comment