Friday, November 30, 2012

मदुरै के पोंगल स्वाद - जो रहे याद

पोंगल - श्री सबरीज में - विद्युत प्रकाश 
तमिलनाडु का शहर मदुरै खाने पीने मे भी नफीस नगर है। अगर आप उत्तर भारतीय खाना चाहते हैं तो स्टेशन के सामने बांगड़ धर्मशाला में पहुंचे। बांगड़ धर्मशाला में रहने की व्यवस्था है साथ ही यहां उत्तर भारतीय भोजनालय भी है। हालांकि हमारी यात्रा के दौरान इस धर्मशाला में पुनर्निमाण कार्य चल रहा था, इसलिए हम यहां का स्वाद नहीं ले सके। लेकिन मदुरै शहर जाना जाता है अपने खास तमिलानाडु स्टाइल वाले शाकाहारी भोजनालयों के लिए।

सुबह की ईरानी चाय - शहर की सुबह होती अलग अलग टी स्टाल पर चाय की चुस्की के साथ। चाय तो पूरे देश में बनती है लेकिन चाय को फेंटने का खास अंदाज है मदुरै के टी स्टाल्स का। ये समवार में बनने वाली ईरानी चाय है। तो आप मदुरै शहर में हैं तो चाय की एक चुस्की जरुर लें। फिर ले स्वाद सुबह के नास्ते में इडली का। इडली दस रुपये में दो से लेकर 16 रुपये में दो तक मिलती है। यह रेस्टोरेंट के स्डैंडर्ड पर निर्भर करता है।
मदुरै का होटल श्री सबरीज, मदुरै। ( जरुर जाइए )
रेलवे स्टेशन से मीनाक्षी मंदिर जाने वाले रास्ते में कालेज हाउस की बिल्डिंग में मीनाक्षी भवन नास्ते और खाने के लिए अच्छी जगह है। पर हमने जो मदुरै में खाने के लिए सबसे अच्छी जगह ढूंढी वह है ठीक कालेज हाउस के सामने सबरीज।

सबरीज शानदार डेकोरेशन वाला मध्यमवर्गीय भोजनालय है। प्रवेश करते ही सामने मंदिर। दीवारों पर मदुरै शहर के ऐतिहासिक चित्र। वर्दीधारी वेटर अति व्यवहार कुशल। सबरीज में खाने वालों की हमेशा भीड़ रहती। एक खाली टेबल ढूंढने में आपको वक्त लग सकता है। लेकिन 60 रुपये की मिल्स की थाली जब केले के पत्ते में आपके सामने होगी आपका दिल खुश हो जाएगा। अलग अलग स्वाद देखकर।

सबरीज का पोंगल, लेमन राइस, कर्ड राइस का तो कहना ही क्या। दिन में खाने के बाद हम इस भोजनालय के स्वाद के ऐसे मुरीद हुए कि रात को कहीं और जाने की इच्छा ही नहीं हुई। घूमघाम कर फिर यहीं पहुंचे। जैसा की आपको पता है कि दक्षिण भारतीय थाली मतलब चाहे जितना खाओ। हां थाली में छोटे बच्चों की शेयरिंग पर भी कोई रोक नहीं है।
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---- विद्युत प्रकाश मौर्य ( HOTEL SRI SABAREESH, MADURAI, TAMILNADU, BANGAD DHARAMSHALA)   

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