Wednesday, November 21, 2012

कन्याकुमारी और स्वामी विवेकानंद


कन्याकुमारी से स्वामी विवेकानंद का बड़ा ही गहरा संबंध हैं। देश भर घूमते हुए जब संन्यासी विवेकानंद कन्याकुमारी पहुंचे। तब सागर तट पर बैठ कर वे देर तक ध्यान में रहे। कुमारी अमान मंदिर में उन्होंने पूजा की। कन्याकुमारी के समुद्र के मध्य 400 मीटर अंदर स्थित शिला से उनका खास संबंध है। कहा जाता है कि उस शिला तक स्वामी जी तैर कर गए। कथा के मुताबिक उनसे नाव वाले ने शिला तक जाने के लिए शुल्क मांगा, वह राशि उनके पास नहीं थी। फिर क्या विवेकानंद ने सागर में छलांग लगा दी। सागर में शिला पर घंटों बैठ कर देश काल पर चिंतन किया। यहां स्वामी विवेकानंद का खास तरह का ट्रांसफारमेशन हुआ। ये बदलाव युगांतकारी था। ठीक उसी तरह जैसे गौतम बुद्ध को बोध गया में बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था, विवेकानंद को कन्याकुमारी में शिला पर ज्ञान की प्राप्ति हुई।

देश आजाद होने के बाद विवेकानंद की याद में महान संत एकनाथ रनाडे ने यहां एक अनूठा मंदिर बनवाने का संकल्प लिया। 1970 में ये रॉक मेमोरियल बनकर तैयार हुआ। अब कन्याकुमारी आने वाले सैलानी फेरी से वहां तक जाते हैं। रॉक मेमोरियल जाने और आने के लिए फेरी का 35 रुपये टिकट लगता है। मौसम खराब होने पर फेरी की सेवा बंद कर दी जाती है।
विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी में.

विवेकानंद केंद्र - एकनाथ रनाडे ने कन्याकुमारी में 100 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में विवेकानंद केंद्र का भी निर्माण कराया है। यह केंद्र 1972 से संचालित है। विवेकानंद केंद्र रॉक मेमोरियल से एक किलोमीटर तो स्टेशन से आधा किलोमीटर दूर तिरुनवेली रोड पर स्थित है। विवेकानंद केंद्र सालों भर युवाओं को सामाजिक कार्यों की ओर प्रवृत करने के लिए कई शिविर लगाता है।

आवास का भी इंतजाम - केंद्र में सैलानियों के रहने की भी रियायती दरों पर शानदार इंतजाम हैं। यहां 200 से लेकर 1000 रुपये के बीच आवासीय कमरे उपलब्ध हैं। इनकी एडवांस बुकिंग भी होती है। आप 3 से 60 दिन पहले तक अग्रिम बुकिंग कर सकते हैं। इस साइट पर जाएं-  http://yatra.vivekanandakendra.org/
Phone: +91 - (0)4652 - 246250 email: rooms@vkendra.org
केंद्र के कैंपस में पुस्तकालय, विवेकानंद पर प्रदर्शनी, पुस्तक बिक्री केंद्र है। साथ ही केंद्र में आप एकनाथ रनाडे का आवास देख सकते हैं, जो उनके नहीं रहने पर अब संग्रहालय बन गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वंयसेवक रहे रनाडे संघ के दूसरे सर संघ चालक गोलवलकर जी के काफी करीबी थे।

विवेकानंद केंद्र की कैंटीन में चाय की चुस्की। 
विवेकानंद केंद्र के हरे भरे परिसर में मंदिर और एक अच्छी कैंटीन भी है। यहां 40 रुपये में खाने की थाली (सीमित) मिलती है। विवेकानंद केंद्र न सिर्फ कन्याकुमारी बल्कि देश के कोने कोने में अपनी गतिविधियां संचालित करता है।

केंद्र की अरुणाचल प्रदेश में कई तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। 1974 से ही केंद्र असम और अरुणाचल में मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित कर रहा है। समाज सेवा के इच्छुक लोग इससे जुड़ सकते हैं। साथ ही आप विवेकानंद केंद्र में समय दान देकर वहां अपनी सेवाएं भी दे सकते हैं। यहां कम से कम एक महीने या इससे अधिक का समय कार्यकर्ता के तौर पर दिया जा सकता है।

विवेकानंद केंद्र की देश भर में 225 से ज्यादा शाखाएं कार्यरत हैं। केंद्र में समय समय पर आध्यात्मिक और योग शिक्षा शिविरों का आयोजन किया जाता है। केंद्र स्वाध्याय वर्ग और संस्कार वर्ग भी चलाता है। आप देश के किसी भी हिस्से में केंद्र की गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं। जिस समय हमलोग केंद्र में पहुंचे यहां एक ऐसा ही स्वाध्याय वर्ग चल रहा था। केंद्र में कई अवकाश प्राप्त बुजुर्ग भी मिले जो समय दान देकर यहां सेवा कार्य में लगे थे। 
http://www.vivekanandakendra.org/
-    
  -- विद्युत प्रकाश मौर्य  
(  ( SWAMI VIVEKANAND, KANYAKUMARI, ROCK MEMORIAL VIVEKANAND KENDRA ) 
विवेकानंद केंद्र के परिसर में एक नन्हा सैलानी। 
      

1 comment:

  1. धन्यबाद

    रामदेव मौर्य
    मो 09868403053

    ReplyDelete