Monday, December 3, 2012

रामनाथ स्वामी का मंदिर रामेश्वरम ( 11वां ज्योतिर्लिंग)


तमिलनाडु राज्य में स्थित रामेश्वरम का रामनाथ स्वामी मंदिर चार धामों में  से एक है तो बारह ज्योतिर्लिंग में 11वें स्थान पर आता है। भगवान श्रीराम जब श्रीलंका पर विजय के बाद वापस लौटे तब उन्होंने रामेश्वरम में भगवान शिव की पूजा की। राम जो खुद विष्णु के अवतार थे उन्होंने सीता मां के साथ शिव की आराधना की। इससे यह भी सिद्ध होता है कि शिव सभी देवों में श्रेष्ठ हैं। पूजा से पहले उन्होंने हनुमान जी को शिवलिंग लाने को भेजा। पर हनुमान जी को शिवलिंग लेकर पहुंचने में देर हुई तो राम ने सीता के द्वारा बनाए गए बालु के बने शिवलिंग से पूजा संपन्न कर डाली। बाद में हनुमान जी शिवलिंग लेकर लौटे तो पूजा संपन्न हो चुकी थी। इससे हनुमान जी नाराज हो गए। तो रामजी के कहने पर उनके लाए शिवलिंग की भी स्थापना की गई।
रामेश्वरम के मुख्य मंदिर में राम के नाथ यानी रामनाथ स्वामी की स्थापना की गई है। रामनाथ स्वामी यानी शिव। समुद्र तट के किनारे स्थित रामनाथ स्वामी का मंदिर चार धामों में से एक है। यहां मंदिर में दो शिवलिंग स्थापित हैं। एक सीता जी द्वारा निर्मित एक हनुमान जी द्वारा लाया गया। दोनों पर जलाभिषेक होता है।

अति विशाल मंदिर परिसर - रामनाथ स्वामी का मंदिर 1200 मीटर की चौहद्दी में चौकोर परिसर में है। यह देश के विशालतम मंदिरों में शामिल है। मंदिर में चार दरवाजे हैं। हर द्वार पर दक्षिण शैली में गोपुरम बना है। वर्तमान मंदिर 12 वीं सदी का बना हुआ है। मंदिर का पूर्वी गोपुरम सबसे ऊंचा 175 फीट का है। मंदिर में दर्शन से पूर्व लोग समंदर में स्नान करके आते हैं।

समंदर में स्नान के लिए यहां पक्के घाट बने हैं। कहा जाता है यहां अग्नि तीर्थम में स्नान से सारे पाप धुल जाते हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में पूजा से पहले श्रद्धालु 22 कुंड का स्नान भी करते हैं। वैसे आप 22 कुंड के स्नान के बिना भी मंदिर में दर्शन कर सकते हैं। मुख्य मंदिर में भी दर्शन के लिए अक्सर लंबी लाइन होती है।

दो शिवलिंगम की पूजा - मंदिर परिसर में दो शिवलिंग है। भगवना राम द्वारा स्थापित रामनाथ लिंगम और हनुमान जी द्वारा स्थापित विश्वलिंगम। भक्त मंदिर में दोनों की पूजा करते हैं। परिसर में विशालाक्षी का भी मंदिर है। सावन का महीना रामेश्वरम का व्यस्त सीजन  माना जाता है। तब यहां शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। महाशिवरात्रि भी मंदिर का मुख्य त्योहार है। रामनाथ स्वामी मंदिर के गलियारे जिसमें कुल 1212 स्तंभ है। मंदिर परिसर में भ्रमण करते हुए ये गलियारे बड़े भव्य प्रतीत होते हैं।

-    - विद्युत प्रकाश मौर्य -
तमिलनाडु टूरिज्म कीवेबसाइट पर जाने रामेश्वरम के बारे में - http://www.tamilnadutourism.org/places/citiestowns/Rameshwaram.aspx     

 (RAMESHWARAM, JYOTIRLINGAM, TEMPLE, SHIVA)   

                             
   

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