Saturday, October 27, 2012

संतरे के साथ चलती है जिंदगी

मंगला लक्षदीप एक्सप्रेस मुंबई के बाहरी इलाके का रेलवे स्टेशन पनवेल में रुकी है। पनवेल मुंबई के छत्रपति शिवाजी टर्मिनल से 40 किलोमीटर से ज्यादा दूर है। पर अब मुंबई शहर का विस्तार पनवेल तक हो गया है। रेलवे स्टेशन विशाल और साफ सुथरा है। यहां स्टेशन पर संतरे का बड़ा सा गट्ठर लेकर रेल में चढ़े कुशीनगर के अनुराग। कोच मं आते ही आवाज लगाकर संतरे बेचना शुरू कर दिया। हमने संतरे खरीदे। उनसे थोड़ी बातचीत हुई। वे रोज कोंकण रेल मार्ग पर संतरा बेचते हुए रत्नागिरी तक जाते हैं। तकरीबन छह घंटे के सफर में रास्ते में सारे संतरे बिक जाते हैं। वे बताते हैं कि जो नहीं बिके वे सारे संतरे वापसी में बिक जाते हैं। युवा अनुराग संतरा बेचने के साथ साथ बीए की पढ़ाई भी कर रहे हैं। हर साल परीक्षा देने यूपी में अपने शहर कुशीनगर जाते हैं। अनुराग ने बताया कि रोज संतरा बेच कर महीने में 30 से 40 हजार रुपये तक आराम से कमा लेते हैं। उनका कहना है कि कोई सीमा नहीं है कमाई की। और मेहनत करें तो कमाई बढ़ भी सकती है।


कोंकण रेल पर चिपलूण रेलवे स्टेशन। 
जितनी मेहनत करो उतनी कमाई - अनुराग कहते हैं जितनी मेहनत करो उतनी कमाई है। उनकी जिंदगी का फलसफा सुनकर प्रेरणा मिलती है। पढ़े लिखे लोगों में कई बार निराशा दिखती है। लेकिन अनुराग गजब के आशावादी हैं। सरकारी नौकरी पाने की कोशिश की। पर नहीं मिली। लेकिन कोई मलाल नहीं। जिंदगी से कोई शिकायत नहीं। 

वे खूब मेहनत कर रोज नागपुरी संतरे बेचते हैं। तौल का कोई संकट नहीं। दस रुपये का पैकेट तैयार करते हैं। रेल में जो मांगे उसे थमाते जाते हैं। अच्छी खासी कमाई हो जाती है। जिंदगी रेल के साथ चलती रहती है। किसी से कोई शिकवा शिकायत नहीं। 

बताते हैं कि काम इतना बढ़ा लिया है कि छह आठ स्टाफ भी रखा है। यूपी से चलकर आने के बाद महाराष्ट्र भा गया है। परिवार के दूसरे लोग भी यहां रहते हैं। वे सब लोग अलग अलग कारोबार में जुटे हुए हैं। अब अपनी कमाई से महाराष्ट्र के पनवेल में जमीन खरीदने की भी तैयारी कर रहे हैं। तो कहो हिंदी मराठी भाई भाई।
पनवेल के बाद साढ़े तीन घंटे के लगातार रफ्तार के बाद हमारी ट्रेन चिपलूण में रुकी। इसके बाद अगला ठहराव आया रत्नागिरी। वही रत्नागिरी जो हापुस आम के लिए प्रसिद्ध है। कोंकण क्षेत्र शुरू हो चुका है। हरीतिमा मन मोह रही है। सफऱ का आनंद बढ़ता जा रहा है। अगला स्टेशन कणकावली है। महाराष्ट्र का आखिरी ठहराव। 

-    -विद्युत प्रकाश मौर्य 

( ORANGE, RAIL, KONKAN, MAHARASTRA ) 

चलो अब चलते हैं कोंकण रेल के सफर पर....





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