Tuesday, October 30, 2012

बोट जेट्टि - कोचीन की लाइफ लाइन


फोर्ट कोच्चि की ओर बोट जेट्टि में...
कोचीन से फोर्ट कोच्चि के लिए चलती है बोट जेट्टि यानी छोटी स्टीमर।हालांकि फोर्ट कोच्चि जाने के लिए सड़क मार्ग का लंबा रास्ता भी है। पर हमने बोट जेट्टि से जाना तय किया। यह बोट मरीन ड्राईव से चलती है। इसमें कुल 75 लोगों के बैठने की व्यवस्था है।

पर आपको यह जानकर अचरज होगा कि सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक कोचीन के समंदर से फोर्ट कोच्चि के लिए चलने वाली बोट जेट्टि का किराया है महज ढाई रूपये प्रति व्यक्ति। इस महंगाई में इतना कम किराया। यह शायद केरल में लंबे समय रहे कम्युनिस्ट शासन का असर हो।

यहां पर केरला टूरिज्म बोट जेट्टि का संचालन करती है जो कोचीन के लोगों की लाइफ लाइन है। वर्ना सड़क से फोर्ट कोच्चि पहुंचने के लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। यह बोट जेट्टि न सिर्फ स्थानीय लोगों की बल्कि देशी विदेशी सैलानियों की भी पसंद है।

बोट में हमारे बगल मे एक बेंगलुरु की महिला बैठी हैं बोट मे। वे भी कोच्चि घूमने आई हैं। वह हिंदी शानदार बोल रही हैं। उनकी कोचीन के बारे में जानकारी काफी अच्छी है लिहाजा वे हमारी कुछ जिज्ञासाएं शांत करती हैं। समंदर में कुलांचे भरती बोट से नजर आते हैं कोचीन बंदरगाह को आने वाले बड़े बड़े जहाज। हालांकि यहां समंदर का पानी बहुत साफ नहीं है। कोई 50 मिनट के सफर में बोट हमें फोर्ट कोच्चि में उतार देती है।




एरनाकुलम, कोच्चि, कोची और कोचीन कोच्चि केरल का सबसे बड़ा शहर है आबादी के लिहाज से। अब यहां मेट्रो रेल चलाने की तैयारी चल रही है।
हालांकि आजकल शहर का नाम कोच्चि लिखा जाता है। पर पुराने दस्तावेजों में इसका नाम कोची लिखा हुआ मिलता है। बीच में सालों तक इस शहर को लोग कोचीन नाम से बुलाते रहे।

पर कोचीन के रेलवे स्टेशन का नाम एर्नाकुलम है। शहर में एर्नाकुलम नाम के दो रेलवे स्टेशन है। एर्नाकुलम टाउन ( ईआरएन) और एर्नाकुलम साउथ ( ईआरएस)। मुख्य स्टेशन एर्नाकुलम साउथ ही है। एर्नाकुलम टाउन को एर्नाकुलम नार्थ के नाम से भी जाना जाता है। दोनों स्टेशनों के बीच दूरी महज 2.6 किलोमीटर है। केरल टूरिज्म की वेबसाइट पर जाएंhttps://www.keralatourism.org/

- vidyutp@gmail.com 

( COCHIN, KERLA, BOAT, FORT COCHI ) 


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