Sunday, August 26, 2012

हैदराबाद का मोतियों वाला बाजार

चारमीनार की मुंडेर पर, पीछे मक्का मस्जिद। 
गले में खूबसूरत मोतियों की माला भला किसे अच्छी नहीं लगती। हैदराबाद में लंबा सा बाजार है मोतियों वाला। ये बाजार पुराने हैदराबाद में ऐतिहासिक चारमीनार से शुरू होता है। वही चार मीनार जो हैदराबाद शहर का लैंडमार्क माना जाता है। इस चार मीनार के पीछे है मक्का मस्जिद और सामने है मोतियों का बाजार। जब कभी आप हैदराबाद जाएं तो चारमीनार जरूर देखना चाहेंगे। भले आप दिल्ली के कुतुबमीनार पर नहीं चढ़ सकते हों लेकिन हैदराबाद में चारमीनार पर चढ़ सकते हैं। चढ़ने के लिए अलग सीढ़ियां हैं तो उतरने के लिए अलग। चार मीनार की मुंडेर से दिखाई देती है ऐतिहासिक मक्का मस्जिद।
 जब चार मीनार से उतरे तो वहां से मदीना बिल्डिंग तक एक किलोमीटर लंबा बाजार है इसमें कई सौ दुकानें है मोतियों की। यहां आप एक मोती से लेकर किस्म किस्म की मोतियों की माला, टाप्स, झुमके और दूसरे गहने खरीद सकते हैं। हैदराबाद में मोतियों का लंबा चौड़ा कारोबार है। यहां से खरीदे गए मोतियों के गहने बाकी शहरों से 50 फीसदी तक सस्ते हो सकते है।
हालांकि हैदराबाद के इस मोतियों के बाजार में तमाम दुकानदार सरकार से मान्यता प्राप्त होने का दावा करते हैं तो कई पुराने दुकानदार निजाम के ज्वेलर होने का दावा करते हैं। चारमीनार के आसपास आपको मोतियों की दुकान  तक पहुंचाने वाले दलाल भी मिल सकते हैं। थोड़ा सा मोल भाव करके आप यहां से अच्छे और सस्ते में मोतियों के गहने खरीद सकते हैं। 


मोतियों के खरीदने में ये सावधानी जरुर बरतें कि मोती जितना अधिक गोल होगा और आकार उसका जितना बड़ा होगा उतना ही अच्छा माना जाता है। तरासे जाने के आधार पर मोतियों की ग्रेडिंग होती है। ए, ए ए और ए ए ए। हमारे हैदराबाद प्रवास में हमारी पसंदीदा दुकान थी मोतीलाल ज्वेलर्स, मदीना बिल्डिंग के पास। जहां से हमने वाजिब कीमत पर मोतियों की माला खरीदी। पूरे देश में हैदराबादी मोती के नाम पर मोतियों का कारोबार होता है लेकिन हैदराबाद तो मोतियों का शहर ही है।
निजाम के शाही ज्वेलर -  असफ जहा राजवंश के निजाम को मोतियों से बहुत प्यार था। इसलिए चारमीनार के आसपास मोतियों का बाजार विकसित हुआ। मोतियों से पहले हैदराबाद हीरों का बड़ा केंद्र था। किसी जमाने में विश्व प्रसिद्ध कोहीनूर हीरा गोलकुंडा के खदानों से ही निकला था। साल 1906 में रामदत्त मल ने हैदराबाद में मोतियों की पहली दुकान खोली। तब रामदत्त मल को निजाम ने अपने शाही ज्वेलर का दर्जा दिया। हालांकि हैदराबाद में मोतियों का उत्पादन नहीं होता, पर यह बिक्री का बड़ा केंद्र बन गया है। बाजार में आने वाले मोती श्रीलंका, चीन और जापान से आता है। हालांकि कई जगह भारत में भी कल्चर्ड मोतियों का निर्माण होने लगा है। 
-   ----  विद्युत प्रकाश मौर्य

((HYDRABAD, PEARL MARKET, MADINA BUILDING, CHARMINAR, NIZAM )

Motilal Jewellers & Pearls, Shop.No.22-7-195, Opposite Madina Building,, Charminar, Hyderabad, Telangana 500002 Tel.: 040 2456 5211

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