Sunday, July 22, 2012

खरीदारी के साथ बरतें कुछ सावधानी

आप जमकर शापिंग करें पर उसके साथ कुछ सावधानी भी जरूरी  है। ये थोड़ी सी सावधानी आपको कई तरह के खतरों से बचा सकती है। आपका रुपया है और आप खर्च कर रहे हैं तो थोड़ी सी समझदारी जरुरी है भाई। इसलिए खरीददारी के समय कुछ बातों पर ध्यान देना अच्छा है जिससे बाद में पछताना नहीं पड़े। तो इन बातों पर जरूर ध्यान दें....

- दुकान से मिठाई या खाने पीने का सामान खरीदने के साथ बिल जरूर लें। बिल को सामान इस्तेमाल करने के बाद तक संभाल कर रखें।

- बिना बिल के खरीदे सामान में खराबी निकल आने पर दुकानदार मुकर सकता है। 

- वैसी दुकानों से खाने पीने की चीजें न खरीदें जिसकी बिक्री कम होती हो। 

- अगर कोई दुकानदार सस्ती मिठाइयां बेचता है तो उस पर एकबारगी शक जरूर करें। क्योंकि सस्ते में अच्छी चीजें कैसे आ सकती हैं भला।

- स्थानीय दोस्तों से शहर की अच्छी खाने पीने की दुकानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें सुविधा रहेगी। 

- डिब्बा बंद सामान में निर्माण की तारीख और बेस्ट बिफोर तारीख भी जरूर देख लें। 

- यह भी देखें की डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ है तो क्या वह एफएसएसआई से प्रमाणित है। अप्रमाणित वस्तुएं न खरीदें।


- जिस शहर में भी जाएं स्थानीय खान पान का आनंद जरूर लें पर अपनी सेहत और पेट का ख्याल रखें। 


उपभोक्ता मामलों की शिकायत नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर की जा सकती है – इसका टोल फ्री नंबर 1800 11 4000 http://www.nationalconsumerhelpline.in/ComplaintFile.aspx
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दुकानदार को हो साख की चिंता..
मैं अपने मुहल्ले की एक खास राशन दुकान से हमेशा राशन खरीदता हूं. कभी राशन में दाल में कीड़े निकल आते हैं तो कभी बेस में गंदगी. एक दो बार जब दुकानदार को शिकायत की गई तो दुकानदार साफ मुकर गया कि ये मेरे दुकान का माल नहीं हो सकता। जाहिर है दुकान के इस व्यवहार से कोफ्त होती है। क्योंकि समान खराब निकलने पर बदलने की जिम्मेवारी हर कंपनी को लेनी चाहिए साथ दुकानदार को भी अपने नियमित ग्राहक पर हमेशा भरोसा रखना चाहिए। लेकिन ऐसे दुकानदारों को अपनी साख की चिंता नहीं है। जबकि रिलायंस और इजी डे जैसे शापिंग चेन अपने सामान गुणवत्ता और खराब निकलने पर उसके बदलने को लेकर साफ सुथरी पालिसी के तहत चल रहे हैं।


अब एक उदाहरण जो अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार ज्योतिर्मय जी ने सुनाई। ज्योतिर्मय जी के परिवार के लोग मथुरा वृंदावन के मंदिरों का दर्शन करने गए थे। लौटते वक्त उन लोगों ने मथुरा के प्रसिद्ध  बृजवासी मिष्टान भंडार से मिठाइयां खरीदीं। लेकिन दिल्ली में घर पहुंचने पर पता चला कि आठ किलो मिठाइयां खराब हो चुकी थीं. इन लोगों ने तुरंत बृजवासी मिष्टान भंडार मथुरा को फोन किया। अब क्या हुआ होगा इसका अंदाजा तनिक आप लगाइए। बृजवासी को अपनी साख की पूरी चिंता है। उन्होने शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की।
 बृजवासी की मिठाइयों की एक दुकान दिल्ली में भी है। उन्होंने तुरंत ग्राहक के घर का पता नोट किया। अपनी दिल्ली वाली दुकान से आठ किलो ताजी मिठाइयां भिजवा दीं और खराब मिठाई वापस ले गए. जाहिर है ऐसे अच्छे व्यवहार की चर्चा आप अपने 50 दोस्तों से करेंगे। ऐसा करने से दुकानदार का प्रचार भी होता है। ये माउथ टू माउथ पब्लिस्टी है जो संतुष्ट ग्राहक करता है। लेकिन घटिया व्यवहार करने पर नाराज ग्राहक पचास जगह अपने बुरे अनुभव भी सुनाता है।
- vidyutp@gmail.com

http://www.brijwasi.co.in/

( BRIJWASI, MATHURA, CREDIT, SHOP, PACKED FOOD ) 

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