Tuesday, July 10, 2012

चीनी बंगला- यहां हुआ था शिमला समझौता

शिमला आने वाले अधिकांश सैलानी कुफरी जरूर जाते हैं। कुफरी लोग अक्सर बर्फबारी देखने की तमन्ना लिए जाते हैं। कुफरी शिमला से 16 किलोमीटर आगे है। टूरिस्ट टैक्सियां कुफरी ले जाने वाले सैलानियों को खच्चर किराये पर लेकर बर्फबारी दिखाने का दावा करती हैं। हालांकि खच्चरों पर यात्रा करके जंगल में थोड़ी दूर जाने पर कुछ खास दिखाई नहीं देता। यह खच्चर और टैक्सी वालों की कमाई का एक जरिया भर है।

ऐतिहासिक महत्व है कुफरी का -  वैसे कुफरी का अपना ऐतिहासिक महत्व है। भारत और पाकिस्तान के बीच 1972 में हुए शिमला समझौते के बारे में सभी लोग जानते हैं। कुफरी में है चीनी बंग्ला। इसी चीनी बंग्ले में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के शासनाध्यक्ष जुल्फीकार अली भुट्टो के बीच शिमला समझौते की रुपरेखा पर लंबी चर्चा की गई थी। कई दिनो तक दोनों पक्ष में वार्ता चलती रही।  अंत में 2 जुलाई 1972 को इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर हुए । दोपहर 12.40 बजे इंदिरा गांधी और भुट्टो ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।

 इस चीनी बंग्ले को अब म्यूजियम का रुप दे दिया गया है। यहां आप जाकर तब समझौता वार्ता की तस्वीरें देख सकते हैं। इस वार्ता के दौरान पाकिस्तान से भुट्टो के साथ उनकी बेटी बेनजीर भुट्टो भी आई थीं। वहीं इंदिरा गांधी के साथ उनके बड़े बेटे राजीव गांधी ( पूर्व प्रधानमंत्री) भी थे।
 यहां बेनजीर और राजीव गांधी पहली की मुलाकात भी हुई थी। तब बेनजीर भुट्टो 19 साल की युवती थीं। उस समय का मीडिया शिमला में उनकी तस्वीरें उतारने के लिए आतुर दिखाई देता था। तमाम भारतीय अखबारों में तब शिमला के मॉल पर घूमती हुई बेनजीर भुट्टों की तस्वीरें प्रकाशित हुआ करती थीं। 

सुंदर बोटानिकल गार्डन में देखें दुर्लभ पक्षी मोनाल 
मोनाल ( सौ - शिमलाआनलाइन डाट इऩ) 
इस चीनी बंग्ले के बगल में हैछोटा सा सुंदर सा बॉटनिकल गार्डन। यहां हिमाचल के नायब पेड़ पौधे और पशु पक्षी देखे जा सकते हैं। जू में हिमाचल का दुर्लभ पक्षी मोनाल भी देखा जा सकता है। आप कुफरी जाएं तो जू जरूर देखें। लेकिन ध्यान रखें जू सोमवार को बंद रहता है। वैसे आप कुफरी नहीं जा सके तो मोनाल के दर्शन शिमला के चौड़ा मैदान स्थित हिमालयन बर्ड पार्क में भी कर सकते हैं। सुंदर मोनाल हिमाचल प्रदेश राज्य का राजकीय पक्षी घोषित है।

सेंट्रल पोटैटो रिसर्च इंस्टीट्यूट - कुफरी में ही सेंट्रल पोटैटो रिसर्च इंस्टीट्यूट है। कहते हैं आलू भारत की सब्जी नहीं है। इसे कई सौ साल पहले विदेशों से लाया गया था। कुफरी के आलू अनुसंधान केंद्र ने आलू की कई नई वेराइटी दी है। कुफरी चंदरमुखीकुफरी अलंकार और न जाने कितने। यहां लगातार आलू की नई वेराइटी पर शोध होता रहता है।




इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज का विशाल परिसर -  शिमला लौटने पर इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडीज ( http://www.iias.org/) जरूर जाएं। यह चौड़ा मैदान के पास है। यहां अंग्रेजों के जमाने में वायसराय लॉज हुआ करता था। गर्मियों में देश के वायसराय यहां आकर रहते थे। आजादी के बाद भी ये गर्मियों का राष्ट्रपति निवास था। लेकिन अब यह उच्च अध्ययन केंद्र है। इसे अंदर से घूमने के लिए टिकट का प्रावधान है। वायसराय लॉज के लॉन में घूमते हुए आप इस बात का एहसास बखूबी कर सकते हैं कि शाही जीवन शैली कैसी रही होगी। यहीं पर आप हिमालयन बर्ड पार्क भी देख सकते हैं।

-    ----- विद्युत प्रकाश मौर्य ( vidyutp@gmail.com)  
    ( CHINI BANGLOW, SHIMLA AGREEMENT 02 JULY 1972, INDIRA GANDHI, BHUTTO, PAKISTAN, KUFRI, SHIMLA, MONAL, ZOO ) 

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