Sunday, June 4, 2017

लक्ष्मी हेरिटेज होम और हंपी के सूर्यास्त का नजारा

हंपी में हमें आटो वाले स्वामी ने घुमावदार रास्तों से होते हुए लक्ष्मी हेरिटेज होम छोड़ दिया। यहां होम स्टे वाले हमारा इंतजार ही कर रहे थे। मार्च के महीने में ही हंपी में काफी गर्मी है। खैर हमने एसी रुम की बुकिंग करा रखी है। आटोवाले स्वामी से तय हुआ कल आपके साथ ही हंपी की सैर करेंगे। सुबह 7.30 बजे आ जाइएगा। लक्ष्मी हेरिटेज होम स्टे एक छह कमरों वाला घर है। इसके स्वामी का नाम विरुपाक्ष है। वे हमें पहला ही कमरा दे देते हैं। सड़क से लगा हुआ। कमरे का आकार बड़ा है। टायलेट भी अच्छा है। गद्दा तो कई फीट ऊंचा है। कमरे में टीवी भी लगा हुआ है। सब कुछ होटल जैसा है पर है ये होम स्टे। यहां पर भोजनालय नहीं है। पर पानी कोल्डड्रिंक आदि दे देते हैं। बगल में ही कई अच्छे रेस्टोरेंट हैं। साइकिल किराये पर उपलब्ध है।
हंपी आते ही हम दो समस्याओं से उलझ पड़ते हैं। पहली पेट पूजा । हमारी केयर टेकर बताती हैं खाने के लिए गोपी गेस्ट हाउस के रेस्टोरेंट में जाएं। तो माधवी और वंश वेज पुलाव का आर्डर करते हैं और छककर खाते हैं। पर मेरी एक और भी समस्या है।

हमने हंपी में होम स्टे एक दिन के लिए गोआईबीबो डाट काम से बुक किया है। हमने सोचा था शाम तक चेक इन करेंगे और अगले दिन शाम को चेकआउट कर लेंगे। पर विरुपाक्ष भाई ने एक दिन पहले फोन करने पर बताया कि हमारा मानक चेकइन चेकआउट टाइम सुबह नौ बजे है। तो अब हमें अगले दिन शाम तक लिए बुकिंग चाहिए थी। उन्होंने कहा आधे दिन का नकद बुक कर लें। पर उनका या एसी रुम 1500 रुपये प्रतिदिन का है जो मुझे गोआईबीबो पर 670 रुपये का ही पड़ा है। तो मेरे ले आधे दिन की नकद बुकिंग भी महंगी पड़ेगी।
हंपी में विट्ठल मंदिर के रास्ते में बना एक प्रवेश द्वार....


वे हमें सलाह देते हैं कि ऑनलाइन ही एक दिन आगे का बुक कर लें। गेस्ट हाउस में वाईफाई है। मैं कोशिश करता हूं। पर हंपी में मोबाइल नेटवर्क बीएसएनएल के अलावा किसी भी और कंपनी का नहीं आता। बिना मोबाइल पर एसएमएस आए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन नहीं हो सकता। फिर किसी ने बताया कि दूसरी मंजिल पर खुली छत पर जाने पर वोडाफोन और एयरटेल के नेटवर्क आते हैं। मैं धूप में छत पर पहुंच गया। पर बुकिंग में एक नई समस्या आई। गोआईबीबो के एप पर ये होम स्टे अगले दिन खाली नहीं दिखा रहा है। मैं अब साइट के हेल्पलाइन पर फोन करता हूं। वहां से त्वरित निदान मिलता है। वे होटल के प्रोपराइटर से बात करके अगले दिन के लिए इन्वेंटरी खाली कराते हैं। फिर मैं एक दिन आगे लिए भी ऑनलाइन एसी कमरा आसानी से बुक कर लेता हूं। वह भी सिर्फ 649 रुपये में ही। 

आटो वाले स्वामी ने बताया था कि आप शाम को सनसेट प्वाइंट देख लिजिएगा। शाम होने वाली है तो हमलोग अब हंपी के सबसे विशाल विरुपाक्ष मंदिर के दूसरी तरफ सनसेट प्वाइंट की ओर बढ़ चलते हैं। ऊंचे नीचे पहाड़ों के बीच यहां भी कई मंदिर बने हुए हैं। पश्चिम में डूबते हुए सूर्य को देखने के लिए सैकड़ो देशी और विदेशी सैलानी जमा हैं। चलते चलते एक विदेशी भाई माधवी के टॉप की तारीफ करते हैं। कोई आधे घंटे से ज्यादा हमलोग अस्ताचलगामी सूर्य को निहारते रहते हैं। सभी लोग अलग अलग एंगिल से इस नजारे को अपने अपने कैमरे में कैद करने में जुटे हैं। इसी दौरान कुछ बच्चे हंपी पर केंद्रित पुस्तकें बेच रहे हैं घूम घूम कर। तो कुछ थर्मस में चाय लेकर घूम रहे हैं। 

अतीत में विशाल सम्राज्य रहे हंपी के विरुपाक्ष मंदिर के पार्श्व में धीरे धीरे सूरज विलुप्त होता जा रहा है, फिर एक नई ऊषा के साथ अगले दिन के आगमन के लिए। पर ये दिल को खुश रखने वाली बात है। आखिर सूरज डूबता ही कहां है, हमीं लोग सो जाते हैं एक नई सुबह के इंतजार में।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य
(HAMPI, SUNSET, VIRUPAKSH TEMPLE, LAKSHMI HERITAGE HOME, SWAMI AUTO) 
  


2 comments:

  1. हो सके तो फोटो के नीचे कुछ जानकारी भी दे, जैसे तीसरा फोटो, उससे फोटो के बारे में पता लगने में असानी होगी

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    1. जरूर ये हंपी का एक प्रवेश द्वार है।

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