Wednesday, June 21, 2017

हर साल गर्म होता जा रहा बेंगलुरु

31 मार्च 2017 का दिन है। अखबार में खबर है कि कई सालों में पहली पर मार्च का आखिरी दिन इतना गर्म रहा है। बेंगलुरु शहर का दिन का तापमान 33 डिग्री को पार कर गया है। कभी बाग बगीचों के शहर के नाम पर और सालों भर सुहाने मौसम के लिए प्रसिद्ध बेंगलुरु शहर का तापमान हर साल बढ़ रहा है। कहा जाता है कि देश के पांच प्रमुख महानगरों में रहने के लिहाज से बेंगलुरु सबसे बेहतर शहर है। यहां का मौसम सदाबहार रहता है। अपनी इससे पहले की दो बेंगलुरु यात्राओं में मैंने इसे महसूस भी किया था। पर इस बार निराशा हो रही है। शहर का ट्रैफिक और लगातार बढ़ रहे तापमान को देखकर जान निकल रही है। बेंगलुरु के मेरे एक स्थानीय मित्र कहते हैं कि हर साल औसतन शहर का तापमान एक डिग्री बढ़ रहा है। अगर यही हाल रहा तो कुछ सालों में यह शहर रहने के लिए बेहतरीन शहरों की सूची से बाहर हो जाएगा।

इतना ही नहीं अप्रैल 2017 में 16 तारीख को स्थानीय अखबारों में खबर है कि शहर का तापमान 36 डिग्री को पार कर गया है। डाक्टर सलाह दे रहे हैं कि दोपहर 11 बजे से तीन बजे तक हिट स्ट्रोक से बचने के लिए उपाय करके शहर में चलें। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ।

अप्रैल की दोपहर में ही बेंगलुरु में इतनी गर्मी पड़ने लगी कि खुली छत पर जाकर आप धूप में अंडे फ्राई कर सकते हैं। कुछ लोगों ने तो ऐसा करके देखा भी। महज 20 मिनट अंडा फोड़ कर पैन में रख देने के बाद धूप में अंडा अपने आप आमलेट बन गया।

साल 2016 में भी अप्रैल में बेंगलुरु का तापमान अधिकतम 39.2 डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड किया गया था। यह एक बड़े खतरे का संकेत है।
यह सब कुछ क्यों हो रहा है...क्योंकि शहर कंक्रीट के जंगलों में तेजी से तब्दील होता जा रहा है। हरे भरे पेड़ खत्म होते जा रहे हैं। उनकी जगह लेती जा रही हैं बहुमंजिली इमारते हैं। शहर के तमाम इलाकों में तो 25 मंजिल से ज्यादा की इमारतें बन रही हैं। हमारे पड़ोस में जैन स्वदेश टावर है जिसमें 26 मंजिले हैं। इसके ऊपर हेलीपैड भी बना हुआ है। हमारे एक दोस्त बताते हैं कि उत्तरहाली और गुब्बलाला में तो हरियाली है। पास में एक हरित क्षेत्र सुरक्षित है अभी। शहर के बाकी हिस्सों का हाल और बुरा है। शहर के केआरपुरम (कृष्णराजपुरम) इलाके में तो हरे भरे पेड़ दिखाई भी नहीं देते। अब गर्मी में बढ़ते तापमान के कारण बेंगलुरु निवासियों के चेहरे पर चिंता की लकीरे दिखाई दे रही हैं। जल्द ही शहर से गार्डेन सिटी का तमगा छीन जाएगा और इसे कंक्रीट सिटी ही कहा जाएगा।

कुछ साल पहले लोग कहते थे कि बेंगलुरु में घर में एसी (एयरकंडिशनर)  लगाने की कोई जरूरत नहीं है। पर अब इस साल की गर्मी में एसी की बिक्री तेजी से हो रही है। लोगों का बिजली बिल भी बढ़ रहा है। अस्पताल में हिट स्ट्रोक के मरीज भी बढ़ रहे हैं। शहर के कई तालाबों का अस्तित्व खतरे में है। कब्बन पार्क और लालबाग जैसे और भी बगीचे शहर में तलाश करना मुश्किल है क्योंकि शहर चारों तरफ तेजी से विशाल अपार्टमेंट के साथ आगे बढ़ता जा रहा है।
- vidyutp@gmail.com
(BENGALURU, CLIMATE, HOTTER ) 






3 comments:

  1. दुःखद खबर। लेकिन ये इंसान की लालच का ही फल है। प्रकृति का दोहन करने वाले इस बात को भूल जाते हैं कि जिन प्रकृति का वो दोहन कर रहे हैं उससे ही उनके जीवन के तार भी जुड़े हैं। जाने कब समझेंगे लोग।

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  2. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  3. ग्लोबल वार्मिंग से बंगलुरु भी कब तक बचा रह सकता है..

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