Thursday, April 6, 2017

बद्री सेठ मारवाड़ी भोज की शाकाहारी थाली

खजुराहो का बाजार बहुत बड़ा नहीं है पर छोटे से शहर में खाने पीने के लिए कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं। दोपहर हुए तो भोजन के लिए हमें हमारे आटो वाले ले गए सेठ बद्रीदास मारवाड़ी भोजनालय में। यह शिवसागर झील के सामने मार्केट में स्थित है। यहां दोपहर और शाम का शाकाहारी भोजन उपलब्ध है। आप यहां कई किस्म की थाली आर्डर कर सकते हैं। मैंने 130 रुपये वाली थाली आर्डर की। स्वागत कक्ष पर तैनात स्टाफ और वेटर का व्यवहार काफी सौम्य है। टेबल और थाली की सजावट अच्छी है। खाने के बाद सौंफ और मिश्री परोसने का अंदाज तो और भी अच्छा है। यहां की खाली अनलिमिटेड है।
 रोटी चावल और सब्जियां चाहे आप जितना खाएं। वे बार बार पूछकर परोसते हैं। आप और ज्यादा आइटम थाली में चाहते हैं तो फिर 150 और 180 वाली थाली भी आर्डर कर सकते हैं। 
यह मारवाड़ी भोजनालय खजुराहो आने वाले देशी विदेशी लोगों की पसंदीदा जगह है। तो आप खजुराहो में हों तो एक बार बद्री सेठ की थाली जरूर छकने के लिए मौका निकालें। बाकी समय आप जहां भी जाएं ये आपकी मर्जी। 

हमारे खाने के मीनू में है – दो सब्जियां, दाल, चपाटी, दही, सलाह, चटनी, अचार, पापड़, चावल। इनकी चटनी और अचार लाजवाब है। आंवले का अचार खानेके साथ परोसा है। यह अचार वे खुद तैयार कराते हैं। उसकी गुणवत्ता का इतना ख्याल रखते हैं कि इसमें डाला जाने वाला तेल भी खुद कोल्हू से तैयार कराते हैं। खाने के बाद बिल लेते वक्त वे हर ग्राहक की प्रतिक्रिया भी जानने को उत्सुक रहते हैं।

नास्ते में समोसा, रायता और चटनी
पर खजुराहो में सुबह के नास्ते की बात को कैसे भूलें। मतंगेश्वर मंदिर वाली गली में समोसे और जलेबी की दुकान है। सुबह सुबह ताजे समोसे तले जा रहे हैं। पांच रुपये का एक समोसा। दस रुपये मे दो समोसे की प्लेट। रायते में डूबा समोसा चटनी के साथ। ठीक ऐसा समोसा मिला था ओरछा में। रायता समोसा बुंदेलखंड की पहचान है। सुबह सुबह दस रुपये का ये नास्ता अगले कुछ घंटे घूमने के लिए प्रयाप्त है।

रात को ज्यादा खाने की इच्छा नहीं थी। खजुराहो की सड़कों पर टहलते हुए कई और शाकाहारी भोजनालय को बोर्ड नजर आए । कहीं 90 तो कहीं 110 रुपये की थाली थी। कई रुफ टॉप रेस्टोरेंट है जो चाइनीज और पश्चिमी व्यंजन भी परोसते हैं। मैं घूमते हुए गोल मार्केट पहुंचता हूं। वहां चौपाटी पर कई ठेले वाले रेस्टोरेंट है। वे चाउमीन बर्गर जैसी चीजें परोस रहे हैं। पर मैं वहां आलू पराठा आर्डर करता हूं। वे मुझे 20 रुपये की थाली में आलूगोभी का मिक्स पराठा सब्जी और दही के साथ पेश करते हैं। एक खाने के बाद मैं एक और पराठा का आर्डर करता हूं। बस यही मेरा रात्रि का डिनर हो गया।


वैसे तो हमारे योगी लॉज मे भी छत पर भोजनालय चलता है। पर वहां खाने का आर्डर करना पड़ता है। अगली सुबह मेरी इच्छा है कि खजुराहो से नास्ता करके रेलवे स्टेशन को निकलूं।
पर समोसा तैयार नहीं हैं। पराठे वाले ने कहा कि आर्डर तैयार होने तक कहीं आपकी ट्रेन न छूट जाए तो मैं रेलवे स्टेशन समय पर पहुंचना प्राथमिकता में रखता हूं। पर रेलवे स्टेशन के सामने खाने के पीने की दुकानों पर कुछ भी सुबह सुबह तैयार नहीं है। तो स्टेशन की कैंटीन से तीन समोसे खाता हूं। 15 रुपये के तीन समोसे और अपने कोच की ओर बढ़ जाता हूं।
- विद्युत प्रकाश मौर्य
( KAHJURAHO FOOD, BADRI SETH MARWARI BHOJ, SAMOSA WITH RAYATA ) 
  


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