Monday, April 24, 2017

क्रांतिवीर संगोली रायणा मतलब बेंगलुरू रेलवे स्टेशन

बेंगलुरु शहर के सिटी रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर क्रांतिवीर संगोल्लि रायणा कर दिया गया है। यानी अब यह कहलाता है केएसआर बेंगलुरू। सिटी रेलवे स्टेशन अति व्यस्त स्टेशन है। यहां कुल 10 प्लेटफार्म हैं।

बेंगलुरु में केंपेगोडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है तो बस स्टैंड का नाम भी केंपेगोडा बस टर्मिनल है। वैसे लोग इसे लोकप्रिय तौर पर मैजेस्टिक कहते हैं। आखिर कौन थे केंपेगोडा। वे बेंगलुरु शहर के संस्थापक थे। 1537 में उन्होंने इस शहर की स्थापना की। वे विजयनगर सम्राज्य के अंतर्गत एक छोटे राजा थे। वे अपने समय के शिक्षित और सफल शासक थे। उन्होंने एक सपना देखा था सुंदर शहर बसाने का, जिसमें पानी की बड़ी बड़ी झीलें हो, अच्छी सड़कें हों, मंदिर हों।

 
मई 2016 में बेंगलुरु स्टेशन का नाम बदलकर क्रांतिवीर संगोल्ली रायणा कर दिया गया। यह कर्नाटक केलोगों को मांग पर किया गया। संगोल्ली रायणा 19वीं सदी के महान क्रांतिकारी थे। रायना का जन्म 15 अगस्त 1798 को बेलगावी जिले के कित्तूर में हुआ था। वे अंग्रेजों के खिलाफ बहादुरी से लड़े। 33 साल की उम्र में 1824 के विद्रोह में शामिल हुए। 26 जनवरी 1832 में बेलगावी जिले में ही ईस्ट इंडिया कंपनी ने उन्हें बरगद के पेड़ से फांसी पर लटका दिया। वे स्वतंत्रता आंदोलन के प्रारंभिक दौर के शहीदों में थे। सबसे बड़ी बात है कि उनका जन्म तारीख 15 अगस्त और शहादत की तारीख 26 जनवरी है। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर रायणा की मूर्ति लगाई है। 


बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पर कुल 10 प्लेटफार्म हैं जिसमें प्लेटफार्म नंबर 8 से 10 पर हुब्बली, यशवंतपुर की तरफ जानेवाली रेलगाड़ियां चलती हैं। एक से 7 तक के प्लेटफार्म पर चेन्नई हैदराबाद और अन्य दिशाओं में जाने वाली गाड़ियां चलती हैं। नई दिल्ली की तरह अब ये स्टेशन मेट्रो नेटवर्क से जुड़ गया है। मेट्रो के दो स्टेशन रेलवे स्टेशन के अगल बगल में हैं। स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार प्लेटफार्म नबंर एक की तरफ है। वैसे प्लेटफार्म नंबर 10 की तरफ से प्रवेश द्वार है। स्टेशन के बाहर और प्लेटफार्म नंबर एक पर खाने पीने के लिए अच्छे स्टाल हैं। वैसे अब कई ट्रेनें बेंगलुरू के बजाय यशवंतपुर रेलवे स्टेशन से चलती हैं। यशवंतपुर की दूरी बेंगलुरू से महज 6 किलोमीटर है। सिटी रेलवे स्टेशन पर भीड़ बढ़ने के बाद यशवंतपुर को नए टर्मिनल के तौर पर विकसित किया जा रहा है। 


इस बार हमारी ट्रेन बीजापुर के लिए है जिसका नाम गोल गुंबज एक्सप्रेस है। यह ट्रेन मैसूर से आती है। इसे प्लेटफार्म नबंर 10 पर आना था। पर अचानक ऐलान हुआ कि यह प्लेटफार्म नंबर 8 पर आएगी। हमें सारे सामान के साथ आठ पर शिफ्ट होना पड़ा। दस नंबर प्लेटफार्म के उपरिपुल की सीढ़ियों की चौड़ाई काफी कम थी। हमारे साथ एक बुजुर्ग महिला थीं हमारे स्थानीय दोस्त गुज्जर साहब की मां। सो हमें थोड़ा संभल संभल कर प्लेटफार्म बदलना पड़ा। गोलगुंबज एक्सप्रेस अपने नीयत समय पर रेलवे स्टेशन से चल पड़ी। हमेशा आप सुनते आए होंगे कि दक्षिण भारत में रेलगाड़ियां समय पर चलती हैं। यह काफी हद तक सच भी है। तो अब हम चल पड़े हैं बीजापुर की ओर....

- विद्युत प्रकाश मौर्य
  ( KRANTIVEERA SANGOLLI RAYANNA, KSR BENGALURU RAILWAY STATION ) 

2 comments:

  1. वही मैं सोच रहा था कि जून 2015 में मैं जब गया तब इस स्टेशन का ये नया नाम नहीं था। बैंगलोर शहर के बारे काफी नई जानकारी मिली। धन्यवाद।

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