Wednesday, April 12, 2017

सोलह हजार शिल्पकारों ने मिलकर बनाया खजुराहो का लक्ष्मण मंदिर

LAXMAN TEMPLE, KHAJURAHO
दोपहर के भोजन के बाद हम पहुंच गए हैं खजुराहो के मुख्य दर्शनीय स्थल यानी पश्चिम मंदिर समूह में। खजुराहो में पश्चिम मंदिर समूह ही एक मात्र मंदिर कांप्लेक्स है जहां प्रवेश के लिए टिकट है। वैसे यहां के सभी मंदिर भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर से संरक्षित हैं, पर टिकट सिर्फ पश्चिमी मंदिर समूह के लिए लगता है। मुख्य बाजार में यह मंदिर समूह शिव सागर और सागर तालाब के बीच स्थित है। प्रवेश के लिए टिकट काउंटर मतंगेश्वर मंदिर के बगल में है। भारतीय नागरिकों के लिए 30 रुपये का प्रवेश टिकट है। कैमरे के लिए कोई फीस नहीं है। हां अगर अधिकृत गाइड लेना चाहें तो ले सकते हैं।
LAXMAN TEMPLE, KHAJURAHO

इस मंदिर समूह में लक्ष्मण मंदिर, कंदरिया महादेव मंदिर, वराह मंदिर, जगदंबा मंदिर, महादेव मंदिर आदि प्रमुख आकर्षण है। ये सारे मंदिर विशाल हरित क्षेत्र में फैले हुए हैं। अंदर सुंदर पथ बना है। पेयजल और शौचालय आदि का भी बेहतर इंतजाम है।

मथुरा से आए शिल्पियों ने तराशा विष्णु का मंदिर-  पश्चिम मंदिर समूह में प्रवेश द्वार से अंदर जाने पर पहला मंदिर आता है लक्ष्मण मंदिर। यह मंदिर परिसर के बाहर स्थित मतंगेश्वर मंदिर से बिल्कुल लगा हुआ है। भगवान विष्णु का यह मंदिर 937 ई का बना हुआ बताया जाता है। यह मंदिर पंचरथ शैली में बना हुआ है। इसे चंदेल राजा यशोवर्मन ने बनवाया था। यह मंदिर पंचायत शैली का बेहतरीन नमूना है। राजा यशोवर्मन ने अपने पिता हर्षवर्मन द्वारा कन्नौज के राजा महिपाल को पराजित करने के बाद यहां भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित कराई। इस मंदिर का निर्माण 930 ई में आरंभ हुआ। दरअसल यशोवर्मन को लक्ष्मण वर्मन के नाम से भी जाना जाता था। इसलिए इस मंदिर का नाम लक्ष्मण मंदिर पड़ गया। इस मंदिर के निर्माण के लिए मथुरा से 16 हजार शिल्पकारों को बुलवाया। यह सात साल की अवधि में पूरा हुआ।
LAXMAN TEMPLE, KHAJURAHO


अत्यंत शानदार कलाकृतियों से सुसज्जित यह मंदिर आज भी दुनिया भर से आने वाले सैलानियों और कला पारखियों को चकित कर देता है। इस मंदिर के चारों कोनो पर एक एक उप मंदिर भी बना है। बीच में प्रमुख मंदिर होने के कारण इसे पंचायत शैली का मंदिर कहते हैं। मंदिर का जगत 98 फीट लंबा और 45 फीट चौड़ा है। मंदिर के गर्भ गृह में भगवान विष्णु की चतुर्भुजी प्रतिमा स्थापित है। इस मंदिर के महामंडप के स्तंभों पर अप्सराओं के सुंदर चित्र बनाए गए हैं। मंदिर की दीवारों पर शिकार के नजारे, युद्ध के नजारे, पैदल सैनिकों के जुलूस, हाथी, घोड़ा आदि उकेरे गए हैं। लक्ष्मण मंदिर में कुछ दृश्य प्रेमालाप के भी हैं। मंदिर की दीवारों पर प्रतिमाओं की दो पंक्तियां हैं। इस मंदिर में कई मिथुन प्रतिमाएं भी हैं। मुख्य मंदिर के द्वार पर रथ पर सवार सूर्यदेव की सुंदर प्रतिमा है।
VARAH TEMPLE, KHAJURAHO

वराह मंदिर – लक्ष्मण मंदिर केठीक सामने वराह मंदिर स्थित है। छोटे से मंदिर में वराह की विशाल प्रतिमा है। वराह के शरीर पर छोटी छोटी कई हजार देवताओं की आकृतियां बनी हुई हैं। वराह का मुख लक्ष्मण मंदिर की ओर है। यह मंदिर विन्यास में आयताकार है और इसकी छत पिरामिडनुमा है। बलुआ पत्थर से निर्मित इस मंदिर का निर्माण 900 से 925 ई के बीच में किया गया है।

( WESTERN GROUP OF TEMPLES, KHAJURAHO, LAKSHMAN MANDIR, VARAH MANDIR )
LAXMAN TEMPLE, KHAJURAHO 


    

No comments:

Post a Comment