Wednesday, March 15, 2017

उम्मेद भवन पैलेस - दुनिया का सबसे लोकप्रिय हेरिटेज होटल

जोधपुर का उम्मेद भवन पैलेस, दुनिया के सबसे लोकप्रिय हेरिटेज होटल में शुमार है। इसके संग्राहालय वाले हिस्से में प्रवेश के लिए 30 रुपये का टिकट भारतीय नागरिकों के लिए है। टिकट के लिए लंबी लाइन है। मेहरानगढ फोर्ट ट्रस्ट के शाही साफा बांधे स्टाफ यहां भी जगह जगह व्यवस्था में तैनात है। प्रवेश द्वार पर पेयजल, शौचालय आदि का बेहतर इंतजाम है। भले ही आप आम आदमी हैं पर आपको एक शाही महल में पहुंचने का खुशनुमा एहसास होता है। चाहे तो जी भर के उम्मेद भवन के साथ सेल्फी लिजिए। 

आपको बता दें कि जनवरी 2016 में ट्रैवल साइट ट्रिपएडवाइजर के एक सर्वेक्षण में जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस को दुनिया का सबसे अच्छा होटल आंका गया है। यह निष्कर्ष विभिन्न समीक्षाओं व टिप्पणियों के आधार पर निकाला गया।  बलुआ पत्थर से बने इस भव्य होटल में 347 कमरे हैं। उम्‍मेद भवन पैलेस के 347 कमरों में 64 कमरों का रखरखाव ताज होटल के हवाले है और पर्यटकों के लिए उपलब्‍ध हैं। उम्‍मेद भवन पैलेस होटल में दो लोगों के लिए एक सामान्‍य कमरे का औसत किराया 50 हजार रुपये प्रति दिन है।

मैं एक्सपिडिया डाट काम पर देख पा रहा हूं, उम्मेद भवन के एक कमरे का किराया कम से कम 38300 रुपये दिखाई दे रहा है। होटल में ठहरने वाले मेहमान भी शाही आनंद महसूस करते हैं। होटल की खिड़की से उद्यानों में मोर नृत्य करते दिखाई दे सकते हैं। होटल में आने वाले हर मेहमान का स्वागत परंपरागत राजस्थानी तरीके से होता है। बैंड बाजा बजाकर इस्तेकबाल किया जाता है। यहां के मेहमान स्क्वैश जैसे खेल और स्पा का आनंद ले सकते हैं। होटल का हर कमरा एंटीक फर्नीचर से सुस्ज्जित किया गया है। यहां डिलक्स रूम, रायल सूट, रीगल सूट, महाराजा सूट, महारानी सूट जैसे ठहरने के विकल्प हैं।

राजस्थान के लोग किसी जमाने में इस महल को चित्तर पैलेस के नाम से जानते थे। तब इस इमारत के निर्माण में चित्तर नामक पत्थरों का उपयोग ज्यादा किया गया था। इस किले का निर्माण अकाल के समय के स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कराया गया था। पूरा होटल के ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इसके प्रवेश द्वार तक पहुंचने के लिए आपको लंबी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। उम्मेद भवन पैलेस तीन हिस्सों में बंटा है। प्रारंभिक हिस्से में अभी भी राज परिवार रहता है। मध्य हिस्से के कुछ कमरों में संग्रहालय है, जिसे आम आदमी देख सकता है। वहीं तीसरा हिस्सा हेरिटेज होटल के तौर पर है।

महाराजा उम्‍मेद सिंह के नाम पर बना यह महल 1944 में तैयार हुआ। इसका निर्माण कार्य 1929 में आरंभ हुआ था। यह जोधपुर के राजघराने का शाही निवास भी है। यही नहीं महल में एक संग्रहालय भी है। उम्‍मेद भवन पैलेस का डिजाइन मशहूर एडवर्डियन आर्किटेक्‍ट हेनरी लैनकेस्‍टर ने तैयार किया था और इसपर पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही वास्‍तुकला का असर दिखता है। जोधपुर के पूर्व नरेश गज सिंह 69 साल के हो चुके हैं। उन्होंने 31 दिसंबर 2016 को अपना जन्मदिन मनाया। वे उम्मेद भवन के बारादरी में आम लोगों से कभी कभी मिलते हैं।  उनके बेटे का नाम शिवराज सिंह हैं।

उम्मेद भवन पैलेस रोज जोधपुर पर स्थित है। रेलवे स्टेशन से कोई 5 किलोमीटर तो मेहरान गढ़ किले से छह किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।  
साल 1998 में हम साथ साथ हैं की शूटिंग के समय सलमान खान भी पूरी फिल्म की क्रू के साथ जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में ठहरे थे। न सिर्फ बालीवुड बल्कि हालीवुड समेत दुनिया की तमाम लोकप्रिय हस्तियों की मेजबानी उम्मेद भवन कर चुका है।  कभी यहां नीता अंबानी जन्मदिन मनाने आती हैं तो कभी यहां अमीरों के बेटों की शाही शादी के पंडाल सजते हैं।
- विद्युत प्रकाश मौर्य 
( UMMED BHAWAN, HERITAGE HOTEL, JODHPUR, GAJ SINGH ) 


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