Sunday, February 5, 2017

चुरु से बीकानेर तक डेमू से सफर

चुरु से बीकानेर जाने के लिए मुझे बीकानेर इंटरसिटी एक्सप्रेस का इंतजार था। पर प्लेटफार्म नंबर एक पर एक डेमू ट्रेन खडी दिखाई दी। मोबाइल पर चेक किया तो पता चला कि यह 10 मिनट बाद बीकानेर के लिए रवाना होगी। चुरु बीकानेर डेमू। इंटरसिटी डेढ़ घंटे लेट थी। फिर क्या मैंने जाकर इसी ट्रेन का टिकट खरीद लिया। चुरु से बीकानेर का किराया 40 रुपये, दूरी 180 किलोमीटर। टिकट काउंटर बंद था। पर बाहर आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन काम कर रही थी। एक रेलवे कर्मचारी उसी से टिकट निकाल कर दे रहा था। मैं टिकट लेकर डेमू में आकर बैठ गया। सभी डिब्बे एक दूसरे से अंदर से जुड़े हुए। सीटें भी आरामदायक। उपर सामान रखने की जगह. हर डिब्बे में शौचालय। ये डेमू किसी जनशताब्दी से कम है क्या।
राजस्थान में भीड़ भी ज्यादा नहीं है। हर स्टेशन पर एक मिनट रुकने के बाद ट्रेन चल पड़ती है। सफर मस्ती भरा है। ट्रेन की खिड़की से शेखावटी के नजारे दिखाई दे रहे हैं। हरियाली कम है। खेतीबाड़ी भी कम दिखाई देती है। कहीं कहीं महिलाएं घूंघट में भी दिखाई दे जाती हैं। चुरु और बीकानेर के बीच 180 किलोमीटर के सफर में 19 स्टेशन आते हैं। औसतन हर 10 किलोमीटर पर एक स्टेशन। चुरु के बाद देपालसर, जुहारपुरा, श्री मकड़ीनाथ नगर, और मोलीसर के बाद आ गया रतनगढ़ जंक्शन। रतनगढ़ से सालासार बालाजी की दूरी महज 50 किलोमीटर है। यहां ट्रेन 5 मिनट रुकी।
इसके बाद पायली, राजलदेसर, परसनेऊ, शीतलनगर, बीग्गाबास रामसरा, बीगा के बाद श्रीडूंगरगढ़ आया। इसके बाद बेनीसर, सूडसर, नापासर, गाढ़वाला और फिर बीकानेर। रास्ते में कई स्टेशनों बड़े खूबसूरत प्याउ बने दिखाई दिए। कई प्याउ का नाम जल मंदिर दिया गया था। राजस्थान के तमाम इलाकों में पानी की कमी है तो पानी की इज्जत भी है।
इस यात्रा में रतनगढ़ में समोसा खाता हूं। दस रुपये का एक समोसा चटनी के साथ। समोसा थोड़ा महंगा है पर स्वाद ठीक है। इसके बाद छोटे से स्टेशन सूडसर में रबड़ी खाने का मौका मिला. प्लेटफार्म पर छोटे से ग्लास में 10 रुपये की रबड़ी बिक रही थी। एक मिनट के स्टाप में लोग तेजी से रबड़ी खरीद रहे थे तो मैंने भी खरीद ली। रबड़ी का स्वाद अच्छा था। 

नापासर से बीकानेर जिला आरंभ हो जाता है। किसी जमाने में नापासार की स्थापना बीकानेर के साथ ट्विन सिटी के तौर पर हुई थी। नापासार के प्लेटफार्म पर भी पानी का बेहतरीन इंतजाम शहर की संस्थाओं की ओर से है। प्लेटफार्म पर जल है तो कल का संदेश लिखा गया है। 
इसके बाद गाढ़वाला और फिर शाम की गोधूलि वेला से पहले आ पहुंचे हम बीकानेर। इससे पूर्व हमने गोंदिया से बालाघाट डेमू ट्रेन में सफर किया था। पर चुरु-बीकानेर का भी तेज और सस्ता सफर याद रहेगा।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य

( CHURU, BIKANER, SUDSAR, RABRI, NAPASAR, GADHWALA, WATER, RAIL, DEMU )    
     

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