Wednesday, November 9, 2016

जीरो - हिल टॉप के हिंदू मंदिर

वैसे तो अरुणाचल प्रदेश की आबादी में हिंदूओं की संख्या ज्यादा नहीं है। पर जीरो में हिंदू आबादी है और यहां पर सिद्धेश्वर नाथ मंदिर के अलावा कई और हिंदू मंदिर हैं। शहर का हिल टाप इलाका है जहां पर एक साथ तीन मंदिर हैं। यहां मां गायत्री का मंदिर, मां काली का मंदिर और शिव का मंदिर देखा जा सकता है।
जीरो के हापोली बाजार के एमजी रोड से तकरीबन एक किलोमीटर पैदल चलकर आप हिल टाप पहुंच सकते हैं। हिल टाप के मंदिर बाजार के किसी भी कोने से दिखाई देते रहते हैं। ये सभी मंदिर पिछले कुछ दशकों में बने हैं। पर ये जीरो में रहने वाले और जीरो आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। हिल टाप पहुंचने के लिए आप जीरो बाजार में पोस्ट आफिस के पास वाली गली से जाने के लिए रास्ता चुनें। इस रास्ते को अब प्रशासन द्वारा कंक्रीट का बना दिया गया है। चढ़ाई वाले रास्ते पर चलकर आप हिल टाप वाले इलाके में पहुंच जाते हैं। यहां पर जिला प्रशासन की अनुमति से पिछले तीन दशकों में तीन मंदिर बने हैं। ये तीनों ही मंदिर बडे ही सुरूचिपूर्ण तरीके से बनाए गए हैं।
गायत्री मंदिर का संचालन शांति कुंज हरिद्वार की ओर से किया जाता है। यह अरुणाचल में एक प्रज्ञा पीठ की तरह काम करता है। मंदिर परिसर में मां गायत्री की प्रतिमा स्थापित की गई है। रोज सुबह और शाम मंदिर में विधिपूर्वक पूजा होती है। इस पूजा में स्थानीय श्रद्धालु भी हिस्सा लेते हैं। गायत्री मंदिर में पहुंचकर अदभुत शांति का एहसास होता है। जीरो में गायत्री मंदिर की मौजूदगी इस बात का परिचायक है कि यहां पर युग निर्माण योजना के मिशन का कार्य कुशलता पूर्वक संचालित हो रहा है। इस मंदिर में हमलोग पहुंचे तो शाम को मां गायत्री की संध्या पूजा हो रही थी। इसमें श्रद्धालु हिस्सा ले रहे थे।
गायत्री मंदिर के बगल में मां काली का मंदिर बना है। यह मंदिर भी बड़ा मनोरम है। मंदिर परिसर से पूरे जीरो का सुंदर नजारा दिखाई देता है। इसी परिसर में महादेव शिव का भी मंदिर स्थित है। इन मंदिरों में बिहार से गए पुजारी पिछले कई दशकों से पूजा पाठ करा रहे हैं।


जब हमलोग जीरो पहुंचे तब नवरात्र चल रहा था। जीरो में मौजूद बंगाली समाज के लोग नवरात्र पर मां दुर्गा की पूजा में लगे हुए थे। शहर में दो जगह सुंदर पंडाल बनाकर मां दुर्गा की पूजा की जा रही थी। यहां असम और बंगाल के बंगाल बंगाली हिंदू लोग अच्छी संख्या में है। खास तौर पर ये लोग यहां व्यसाय से जुड़े हुए हैं। हमने पंडाल में जाकर मां  दुर्गा के दर्शन किए। सप्तमी की तिथि है और मां दुर्गा का नेत्र संस्कार हो चुका है। मां हमें ममतामयी निगाहों से देख रही हैं और हम उनका आशीर्वाद प्राप्त करके निहाल हो रहे हैं।
जीरो में दुर्गा पूजा के दौरान कलाकार 


जीरो बाजार में दुकान चलाने वाले सिलचर के एक बंगाली बाबू ने कहा कि आप यहां का विजयादशमी का त्योहार देखकर जाएं, हमलोग खूब धूमधाम से मनाते हैं विजयादशमी। पर हमारी वापसी तो उससे पहले ही तय थी। 
- विद्युत प्रकाश मौर्य


जीरो में दुर्गा पूजा - शहर में दो पंडालों में दुर्गा की पूजा हो रही थी। 

(ZIRO, HILL TOP TEMPLE, DURGA PUJA, BENGALI SAMAJ) 

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