Monday, November 28, 2016

सत्र नगरी माजुली में आपका स्वागत है.... ((03))


ब्रह्मपुत्र में फेरी पर तकरीबन 50 मिनट के सफर के बाद हमें दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली का घाट दिखाई देने लगा। फेरी कमलाबाड़ी सत्र के घाट के करीब थी। यह थोड़ी देर में फेरी किनारे लग गई। यह भी एक अस्थायी घाट नजर आ रहा है, जिसकी रूपरेखा बारिश के दिनों में पानी बढने पर बदल जाती होगी। फेरी से सबसे पहले बाइक और जीप जैसे वाहन उतरे। रास्ता बनने के बाद धीरे धीरे लोगों ने उतरना शुरू किया।

सामने एक बड़ा बोर्ड लगा है जिस पर लिखा है वेलकम टू सत्रनगरी माजुली। अनादि और माधवी को अभी माजुली के बारे में अभी ज्यादा पता नहीं। हमारे टूर प्लान में यह उनके लिए तो सरप्राइज विजिट है। इसलिए वे इस सफर को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं हैं। पर तीन दिन के माजुली प्रवास के बाद यह उनकी अत्यंत प्रिय और कभी न भुलाने वाली जगह बन जाएगी मुझे ऐसा लगता है।
फेरी से उतरने पर सामने कच्ची सड़क नजर आ रही है। झोपड़ी में कुछ दुकाने हैं। यहां से फिर जीप और टाटा मैजिक जैसी गाड़ियां हैं जो सवारी ढूंढ रही हैं। हमलोग भी गड़मूर सत्र जाने वाले हैं। तो एक मैजिक वाले से बात होती है 30 रुपये प्रति सवारी। वह हमारा सामान उठाकर गाड़ी के छत पर सजा देता है। थोड़ी देर में ही सवारी भरने पर गाड़ी चल पड़ती है। 


फेरी में चलती है छोटी सी दुकान...
 थोड़ी देर बाद पक्की सड़क आ गई। पहले कमलाबाड़ी सत्र का बाजार आया। इसके बाद फिर खेतों से के बीच सड़क से होते हुए गड़मूर सत्र का बाजार। हमारे मैजिक वाले ड्राईवर जिनका नाम नालकू है, वे हम गड़मूर बाजार में छोड़ देते हैं पर मैं कहता हूं कि मुझे गड़मूर सत्र जाना है। सत्र का गेट यहां से एक किलोमीटर आगे है। थोड़े विवाद के बाद वे हमें सत्र के गेट पर पहुंचाते हैं। पर जब मैं अपने मेजबान को फोन करता हूं तो वे मुझे गड़मूर बाजार में स्टेट बैंक से आगे आने को कहते हैं। अब हमें फिर बाजार में ही वापस आना पड़ा। पर मैजिक वाले ने कोई अतिरिक्त किराया नहीं मांगा। स्टेट बैंक से फिर हमने अपने मेजबान से रास्ता पूछा। उन्होंने बताया सीधे पैदल चलकर चौराहे ( चारआली) तक आएं। वहां से बाएं मुड़े फिर आपको ला मिसन डी आनंदा दिखाई देगा। इस तरह हम अपनी मंजिल तक पहुंचे। ला मैसन डी आनंदा के संचालक मंजीत रिसांग हैं। उन्होंने पहुंचने पर बताया कि हमें अपने सभी गेस्ट को रिसीव करने टैक्सी स्टैंड तक आ जाते हैं, पर आज कई लोग चेकआउट कर रहे थे इसलिए आपके लिए समय नहीं निकाल सका। उन्होंने इसलिए औपचारिक माफी मांगी। हमारा अगले तीन दिन के लिए ठिकाना बना ला मैसन डी आनंदा का चंपा कमरा।


गुवाहाटी से माजुली पहुंचने के  तीन रास्ते 


At La Maison De Ananda in Majuli 
असम की राजधानी गुवाहाटी से द्वीप जिला माजुली पहुंचने के तीन रास्ते हैं। 

1. पहला रास्ता जोरहाट होकर है। हमलोग माजुली पहुंचे हैं जोरहाट से निमाती घाट से फेरी पकड़ कर कमलाबाड़ी के रास्ते पहुंचे हैं। गुवाहाटी से जोरहाट 376 किलोमीटर है। जोरहाट से निमाती घाट को 15 किलोमीटर है। निमाती घाट से ब्रह्मपुत्र में 14 किलोमीटर और कमलाबाड़ी से गड़मूर सत्र 8 किलोमीटर। ये दूरियां हमने टुकड़ों में तय की हैं।

2. दूसरा रास्ता है माजुली पहुंचने का जिसमें आप  सीधे बस से गुवाहाटी से माजुली पहुंच सकते हैं। गुवाहाटी से माजुली के लिए नेटवर्क ट्रैवेल्स और दूसरे आपरेटर की बसें चलती हैं। किराया है 600 रुपये। गुवाहाटी से तेजपुर, विश्वनाथ चाराली, नार्थ लखीमपुर, गुगामुख ठकुआखाना होते हुए ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी खैरखोटिया पर बने पुल को पार बस जंगराई मुख मार्केट में प्रवेश कर जाती है जो माजुली द्वीप का एक बाजार है। बस कमलाबाड़ी बाजार में छोड़ती है। वापसी की बस भी यहीं से चलती है। आप गुवाहाटी के पलटन बाजार में नेटवर्क ट्रैवेल्स (http://www.networkbus.in/) की बसों के लिए पूछताछ कर सकते हैं। अभी माजुली के लिए ऑनलाइन बस बुकिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पर हर रोज शाम को एक बस माजुली के लिए चलती है। 
माजुली द्वीप पर चलती लोकल बस 

3 . तीसरा रास्ता फेरी से है नार्थ लखीमपुर से होकर। आपको नार्थ लखमीपुर से धुनागुड़ी घाट आना होता है। यहां से माजुली के लिए फेरी चलती है। यह फेरी का मार्ग छोटा है। आधे घंटे लगते हैं। यहां से गड़मूर सत्र के लिए शेयरिंग टैक्सियां मिल जाती हैं। यहां सुबह से शाम को 5 बजे तक आखिरी फेरी मिलती है। हमलोग जीरो से नार्थ लखीमपुर होकर इस मार्ग से सुगमता से आ सकते थे पर इस मार्ग के बारे में पहले से स्पष्ट जानकारी का अभाव था। दूसरा का हम ज्यादा सफर रेल से तय करना चाहते थे वहीं निमाती घाट से फेरी से माजुली आने का अपना अलग अनुभव और एहसास है। 

-        विद्युत प्रकाश मौर्य  
( MAJULI, ASSAM, SATRA NAGRI, KAMLABARI, GARMUR SATRA, LA MAISON DE ANANDA, MAJULI BY BUS VIA LAKHIMPUR ) 
माजुली की यात्रा को शुरुआत से पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

4 comments:

  1. ला मैसन दी आनंदा गेस्ट हाऊस है क्या ? और उससे आप सम्पर्क कैसे किये । यदि मुझे वहाँ ठहरना है तो क्या करू ? कृपया समय मिले तो मदद कीजिऐ ।

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    1. लेख की अगली श्रृखंला मे जानकारी मिल गया ।

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    2. लेख की अगली श्रृखंला मे जानकारी मिल गया ।

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  2. हां पढ़ते रहिए सब पता चल जाएगा

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